सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेने की अपील

0
28

छिन्दवाड़ा | बेटी को बोझ न समझे और न ही उसके जन्म पर निराश हो, क्योंकि बिना बेटी के परिवार नाम की संस्था का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा। इसी संदेश के साथ देश के प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 21 जनवरी 2015 को सुकन्या समृद्धि योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस अनोखी योजना में खाता खुलवाना और इसके फायदे लेना बडा ही आसान है। डाक विभाग के म.प्र.परिमंडल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल श्री एम.ई.हक द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि अपनी बेटियों का खाता खुलवाकर इस योजना का लाभ ले।

अधीक्षक डाकघर छिन्दवाड़ा संभाग ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत नैसर्गिक या विधिक संरक्षक द्वारा बालिका के नाम से उसके जन्म लेने से 10 वर्ष तक की आयु प्राप्त करने तक खाता खोला जा सकता है।

बालिका के 10 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर बालिका स्वयं खाता संचालित कर सकती है तथापि खाते में रकम संरक्षक या किसी अन्य व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा जमा की जा सकेगी। यह खाता एक हजार रूपये की प्रारंभिक जमा राशि से खोला जा सकता है तथा इसके बाद प्रत्येक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार रूपये तथा अधिकतम एक लाख 50 हजार रूपये जमा किये जा सकते है। यह जमा राशि एक माह अथवा एक वित्तीय वर्ष में कितनी भी बार एक सौ रूपये के गुणक में जमा की जा सकती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिये इस योजना में सर्वाधिक ब्याज दर 8.6 प्रतिशत अधिसूचित है तथा आगामी वर्षों में भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ब्याज दर अधिसूचित की जायेगी।

अधीक्षक डाकघर छिन्दवाड़ा संभाग ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाताधारक की मृत्यु अथवा नियमों में वर्णित विशेष परिस्थितियों में समय पूर्व खाता बंद किया जा सकता है। खाताधारक बालिका की 18 वर्ष आयु पूर्ण कर लिये जाने पर उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि के लिये जमा राशि की 50 प्रतिशत तक की राशि खाता से आहरित की जा सकती है। योजना के अंतर्गत खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष पूर्ण होने पर खाता परिपक्व होगा, परंतु खाताधारक का विवाह 21 वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पहले होता है तो उसके विवाह की तारीख के पश्चात् खाते को चलाने की अनुमति नही होगी तथा खाता बंद कर दिया जायेगा।

ऐसी स्थिति में खाता धारक को इस आशय का हलफनामा देना होगा कि खाता बंद करने की तारीख को वह 18 वर्ष से कम नही है। इस योजना में खाते में जमा की गई राशि पर आयकर की धारा 80-सी के अंतर्गत छूट की पात्रता है। अभी तक प्रदेश में लगभग 3.5 लाख सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके है तथा प्रदेश की प्रत्येक सुकन्या तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिये राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का सहयोग भी लिया जा रहा है।

LEAVE A REPLY