68 साल बाद दिखा सुपरमून

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अगर अभी नहीं देखा है तो फ़ौरन घर की छत पर जाइये और देखिये 21वीं सदी का पहला सुपरमून। चांद का ऐसा नजारा इसके बाद साल 2034 में देखने को मिलेगा। इस दौरान अपने आकार से चांद 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी चमकीला दिखेगा। ये नजारा किसी अजूबे से कम नहीं होगा। चांद चमकदार तो दिखेगा ही साथ ही धरती के नजदीक भी होगा। देखिए सुपरमून की सबसे खूबसूरत तस्वीरें। चंद्रमा करीब 8.09 बजे 356,111 किमी की दूरी पर धरती के पास से गुजरेगा। साल 1948 के बाद यह पहला मौका होगा जब चांद धरती के इतना करीब से गुजरेगा।

सुपर मून शब्द का पहली बार प्रयोग करीब 30 साल पहले एस्ट्रोलॉजर रिचर्ड नोएल ने किया था। दरअसल, इस स्थिति में चंद्रमा धरती के काफी करीब आ जाता है क्योंकि धरती की कक्षा पूरी तरह से गोल न होकर दीर्धवत्ताकार है। जब चंद्रमा धरती के काफी करीब होता है, तो वह ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखाता है, जिसे सुपर मून कहा जाता है। 25 नवंबर 2034 को भी एक्सट्रा सुपरमून की स्थिति बनेगी लेकिन 6 दिसंबर 2052 को यह 3 लाख 56 हजार 425 किमी की दूरी पर रहकर धरती के सबसे करीब होगा।

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