दो साल पुराने मानहानि मामले में CM शिवराज के हुए कोर्ट में बयान

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जिला अदालत में पहुंचकर कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के खिलाफ दायर मानहानि मामले में कोर्ट में बयान दर्ज कराए। यह बयान परिवहन आरक्षक भर्ती मामले में कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोप के बाद दायर याचिका के चलते दर्ज कराए गए। सुबह 11 बजे कोर्ट पहुंचे सीएम ने अपरसत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत में करीब दो घंटे तक बयान दर्ज कराए। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी पर भर्ती में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में सरकार की ओर से मिश्रा के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था।

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा पर दर्ज मानहानि के मामले में पिछली सुनवाई में विशेष न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत में सरकारी वकील चाहते थे कि सीएम शिवराज सिंह को बयान से छूट दी जाए एवं सुनवाई बंद अदालत में हो लेकिन अदालत ने इस आवेदन को खारिज कर दिया. अगली तारीख 25 नवम्बर तय की गई जिसके तहत आज शुक्रवार को सीएम शिवराज सिंह अदालत में प्रस्तुत होकर बयान दर्ज कराएंगे|

दरअसल, दो साल पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम एक मैग्नीज की खदान के आवंटन के संबंध में आरोप लगाए गए थे। यह खदान एसएस मिनरल्स के नाम से संचालित है। इस संबंध में फरियादी संजय नायक ने एक लिखित शिकायत थाना हबीबगंज में प्रस्तुत की थी। नायक ने मिश्रा के खिलाफ आरोप लगाए थे कि उन्होंने जिन खसरा नंबर व रकबा का उल्लेख बालाघाट में एसएस मिनरल्स के नाम से मैग्नीज खदान होने का लगाया है वह किसी अन्य के नाम पर आवंटित है। एसएस मिनरल्स नाम की किसी भी फर्म को किसी भी आवंटन नहीं हुआ है।

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