US कंपनी से जुड़े रिश्वत के मामले में 2 पूर्व मंत्री हो सकते हैं शामिल: पर्रिकर

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पणजी. केंद्रीय मंत्री और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को संकेत दिया कि राज्य में जल विकास योजना को लेकर एक अमेरिकी कंपनी से जुड़े कथित रिश्वतखोरी के मामले में दो पूर्व मंत्री शामिल हो सकते हैं. गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने पहले कहा था कि वह मामले में सीबीआई जांच की मांग करेंगे. अमेरिकी कंपनी लुइस बर्गर पर गोवा और गुवाहाटी में दो बड़ी जल विकास परियोजनाओं को हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कई करोड़ रुपये की रिश्वत देने के आरोप लगे हैं. पर्रिकर ने गोवा के मड़गांव में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘चूंकि मामला जेएआईसीए (जापान इंटरनेशनल फंडिंग प्रोजेक्ट) से जुड़ा है इसलिए तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के मंत्री शामिल हो सकते हैं. लेकिन परियोजना को वित्तीय मंजूरी देने से जुड़ा मामला भी है इसलिए एक और मंत्री के शामिल होने की भी संभावना है.’ गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री ने किसी मंत्री का नाम लिये बिना कहा, ‘घटनाक्रम तब का है जब दिगंबर कामत नीत सरकार सत्ता में थी.’ उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच से रिश्वतखोरी मामले की सचाई सामने आएगी. इस बीच मुख्यमंत्री पारसेकर ने आज सुबह यहां संवाददाताओं से कहा, ‘चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है, गोवा पुलिस इसकी जांच नहीं कर सकती. यही वजह है कि सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखने का फैसला किया है. लोगों के सामने सचाई आनी चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘जब ठेके दिये गये थे तो कांग्रेस नेता दिगंबर कामत मुख्यमंत्री थे और चर्चिल अलेमाव लोक निर्माण विभाग में मंत्री थे. अब यह रहस्योद्घाटन होना चाहिए कि किस मंत्री ने रिश्वत ली.

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