दिल्ली पुलिस अब लेड़ी कमांडोज़ से लैस होगी

लेड़ी कमांडोज़ को खास ट्रेनिंग दी गई और अब इन कमांडोज़ को यूनिट ‘पराक्रम’ के साथ जोड़ा गया है। इन्हें अत्याधुनिक ऑटोमैटिक एमपी फाइव गन्स, बुलेट प्रूफ जैकेट्स, ब्लास्ट प्रूफ ग्लासेस और पोर्टेबल वायरलेस सेट्स से लैस किया गया है। ये दिल्ली की सुरक्षा के लिए अति संवेदनशील 24 प्वाइंट्स पर तैनात होंगी।

महिला कमांडोज़ को नई यूनिट ‘पराक्रम’ के साथ जोड़ा गया है। इस युनिट में दो साल तक रहेंगी महिला कमांडोज़। महिला कमांडोज़ के हाथ में होगी दिल्ली की सुरक्षा। पूर्वोत्तर राज्यों की 41 महिला कमांडोज़ को इस नए दल में शामिल किया गया है। महिला कमांडोज़ को आतंकी हमले से निपटने का विशेष प्रशिक्षण मिला है। दिल्ली के अति संवेदनशील 24 प्वाइंट्स पर तैनात होंगी ये कमांडोज़।

इजराइल और अमेरिका की तर्ज पर दिल्ली पुलिस अब लेड़ी कमांडोज़ से भी लैस होगी। देश के पूर्वोत्तर राज्यों की 41 बेहतरीन कैडेट्स को इसके लिए चुना गया है।

दिल्ली पुलिस की ‘पराक्रम सेना’ वो नया चेहरा है जो स्वतंत्रा दिवस की हिफाज़त में राजधानी के चप्पे चप्पे पर तैनात किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर 24 पराक्रम पीसीआर वैन तैनात करने का फैसला लिया है। इस पराक्रम स्वाड की ख़ासियत ये है कि इस बार इसमें महिला कमांडो को भी शामिल किया गया है।

नॉर्थ ईस्ट की रहने वाली 41 लड़कियां पहली बार दिल्ली पुलिस का हिस्सा बनीं हैं जिन्हें स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है। ये महिला कमांडो 15 अगस्त पर दिल्ली की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। इन्हीं कमांडो में से बेस्ट कमांडो रही नगालैंड की चिएवेलू थेले को दिल्ली पुलिस ने अपनी पोस्टर गर्ल भी चुना है।

अत्याधुनिक उपकरणों से लैस, दिल्ली की सुरुक्षा में लाया जा रहा ये नया इंतजाम देश के रक्षा पंक्ति को सशक्त बनाने के साथ साथ महिला सश्क्तिकरण की तस्वीर भी सामने रखता है। इतना ही नहीं महिला कमांडोज़ का ये बाना दिखाता है कि शौर्य और पराक्रम पर सिर्फ पुरुषों का अधिकार नहीं, और आज की नारी देश की रक्षा में भी अपना योगदान दे रही हैं।