इलाहाबाद : छात्रावासों की छापेमारी में चुनाव सामग्री जब्त

इलाहाबाद : इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव में अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को कई छात्रावासों में छापेमारी की। इस दौरान चुनाव प्रचार सामग्री जब्त की गई। छात्रावासों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। प्रशासन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार चुनाव करवाने के लिए लगा हुआ है। इसके लिए पिछले दो दिनों से जिला प्रशासन, पुलिस और विवि ने सख्ती बरती है। लिंगदोह कमेटी के अनुसार कोई उम्मीदवार छपी हुई प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं कर सकता। प्रचार के लिए हाथ से बनाए पोस्टर ही मान्य हैं। पांच हजार रुपये चुनाव खर्च के लिए ही अधिकतम मान्य किया गया है।विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन ने शनिवार को ड्रोन कैमरे के माध्यम से यूनिवर्सिटी के चप्पे-चप्पे की निगरानी की। ड्रोन से छात्रावासों की तस्वीरें खींची गई और विवि परिसर के आसपास ड्रोन से वीडियोग्राफी भी की गई। इसके पीछे छात्रावासों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर अंकुश लगाना है। साथ ही छात्रावासों में कोई भी असामाजिक तत्व न जा पाए और छात्रसंघ चुनाव में उपद्रव न होने पाए, यह सुनिश्चित करना है। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. आरके उपाध्याय ने बताया कि जो उम्मीदवार इस चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार खर्च सीमा का पालन नहीं करेगा और छपी हुई प्रचार सामग्री का उपयोग करेगा, चुनाव जीतने के बाद भी उसकी उम्मीदवारी रद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम हर हाल में लिंगदोह समिति के अनुसार ही चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बार धनबल और बाहुबल के लिए कोई गुंजाइश नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी का निर्देश है कि छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार ही हों। एडीसी में शिवानी मिश्रा व अमित कुमार निर्विरोध निर्वाचित :इलाहाबाद डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव 2018-19 के लिए शनिवार को प्रत्याशियों को नाम वापसी का मौका दिया गया। इसमें उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी दीपेश त्रिपाठी और विज्ञान संकाय प्रतिनिधि के लिए नामांकन करने वाले जनार्दन पाडेय ने नाम वापस ले लिया। ऐसे में एडीसी मे छात्रसंघ चुनाव के लिए कुल 19 प्रत्याशी ही मैदान में बचे हैं, जिनकी वैध सूची तीन बजे कॉलेज में चस्पा कर दी गई। प्रिंसिपल डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि संयुक्त मंत्री पद पर शिवानी मिश्रा व विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर अमित कुमार वर्मा निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नामांकन पर आपत्ति करने वालों के आवेदन की जांच की गई। इसके बाद किसी का भी पर्चा खारिज नहीं किया गया है।