इलाहाबाद: फर्जी रिपोर्ट पर दस्तखत कराने और शोषण के खिलाफ ग्राम प्रधानों ने धरना दिया।

इलाहाबाद:खुले में शौच मुक्त की फर्जी रिपोर्ट पर दस्तखत कराने और शोषण के खिलाफ ग्राम प्रधानों ने मंगलवार को बालसन चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना दिया। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 17 सूत्रीय ज्ञापन भेजा गया। इन मांगों में संविधान संशोधन विधेयक लागू करने, मनरेगा मजदूरी 15 दिन के अंदर खाते में देने, निर्माण सामग्री की कीमतें बाजार दरों पर लागू करने की मांग प्रमुख हैं। प्रधानों का कहना है कि महंगाई बढ़ रही है, ऐसे में पुराने रेट पर कार्य कराया जाना असंभव हो रहा है। सरकार को उनकी न्यायोचित मांगों को तत्काल मानना चाहिए। अगर मांगें न मानीं गई तो विकास कार्य ठप हो जाएगा।अखिल भारतीय पंचायत परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित धरने में सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें फर्जी आंकड़ें पेश कर विकास के दावे कर रही हैं। सरकार को वास्तविक आकड़े ही पेश करने चाहिए। प्रदेश महासचिव सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम प्रधानों की मांगों पर वह कभी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदेश सचिव काजी मोहम्मद मोअज्जम ने कहा कि सरकारें जनप्रतिनिधियों का शोषण कर रही हैं। ग्राम प्रधानों ने 73 वें संविधान संशोधन विधेयक को पूरी तरह लागू करने, मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 15 दिन के अंदर खाते में डाले जाने, विकास कार्यो में इस्तेमाल हो रही सामग्री की कीमतें बाजार दरों पर लागू करने की मांग की। संचालन संजय पटेल ने किया। शीतला प्रसाद पांडेय, विजय सिंह पटेल, संजय पटेल, प्रभाकांत मिश्र, विजय नाथ कुशवाहा, पंकज सिंह, राजकुमार प्रजापति आदि शामिल थे।  [ब्यूरो रिपोर्ट इलाहाबाद]