तीसरे टी-20 में जीता भारत, सीरीज़ पर 2-1 से कब्जा

बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी-20 मुक़ाबले में भारत ने इंग्लैंड पर शानदार 75 रनों की जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज़ पर 2-1 से कब्जा कर लिया है।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 202 रन बनाए और इंग्लैंड को 203 रनों का विशाल लक्ष्य दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 16.3 ओवर में 127 रन पर ही सिमट गई और भारत को 75 रन से जीत मिली।

मैच में भारत को पहला झटका दूसरे ओवर की पहली गेंद पर लग गया जब विराट और राहुल के बीच तालमेल में कमी के कारण कप्तान विराट कोहली रन आउट हो गए। इसके बाद सुरेश रैना और लोकेश राहुल ने पारी को संभाला और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। हालांकि आठवें ओवर में स्टोक्स ने राहुल को 22 के स्कोर पर बोल्ड करके ये साझेदारी तोड़ दी।

लेकिन इसके बाद भी रैना का जलवा जारी रहा और उन्होंने शानदार छक्के के साथ 39 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। रैना इसके बाद 45 गेंदों पर 63 रनों की धुआंधार पारी खेलकर प्लंकेट की गेंद पर मॉर्गन को कैच थमा बैठे। इसके साथ भारत को तीसरा झटका लगा।

इसके बाद युवराज ने 10 गेंदों पर 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें तीन छक्के और एक चौका शामिल रहा। वो कीपर बटलर के हाथों मिल्स की गेंद पर आउट हुए। धोनी ने 36 गेंदों पर 56 रनों की धुआंधार पारी खेली जो उनके टी-20 करियर का सर्वाधिक स्कोर भी बना। धोनी जॉर्डन की गेंद पर राशिद के हाथों कैच आउट हुए।

पारी की अंतिम गेंद पर हार्दिक पांड्या 11 रन बनाकर रन आउट हुए। इंग्लैंड की तरफ से मिल्स, जॉर्डन, प्लंकेट और स्टोक्स ने 1-1 विकेट लिया।

जवाब में उतरी इंग्लिश टीम को पहला झटका ओपनर सैम बिलिंग्स के रूप में लगा। बिलिंग्स शून्य पर युजवेंद्र चहल की गेंद पर रैना के हाथों कैच आउट हो गए। इंग्लैंड का दूसरा विकेट जेसन रॉय के रूप में गिरा जो सातवें ओवर में मिश्रा का शिकार बने। उनका कैच धोनी ने लपका। रॉय ने 32 रन बनाए।

इसके बाद मॉर्गन और रूट ने कुछ देर पारी को संभाला और उम्मीदें जगाईं, लेकिन इसके बाद अचानक युजवेंद्र चहल ने जो धमाल मचाया उससे सब हैरान रह गए। 13.3 ओवर में 119 रन पर अपना तीसरा विकेट गंवाने वाली इंग्लिश टीम ने अगले तीन ओवरों में 8 रन के अंदर अपने बाकी सभी 7 विकेट गंवा दिए। चहल ने इस मैच में 6 विकेट झटके जो कि अंतरराष्ट्रीय टी-20 के एक मैच में किसी भी भारतीय का रिकॉर्ड है।

यजुवेंद्र चहल को मैन ऑफ़ द मैच और मैन ऑफ़ द सीरीज़ चुना गया।