पलक झपकते ही चली गई तीन जिंदगी

प्रतापगढ़ :प्रतापगढ़ हाईवे पर  में बुधवार को हुए सड़क हादसे में वाहन चालक को आई झपकी ने तीन जिदंगी को लील लिया। कार मालिक की जिंदगी बाकी थी, सो वह पचास किलोमीटर  पहले पीछे की सीट पर चला गया, जिससे यह कहावत चरितार्थ हुई कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।देवली निवासी राहुल सिंह दिल्ली में ट्रेवेल्स कंपनी में कार चलाता था। इस बार करवाचौथ पर उसने कार खरीदी थी। दिल्ली से जब लल्लू, संदीप, कमलेश, प्रमोद रवाना हुए तो कार खुद राहुल चला रहा था। हरदोई में प्रमोद उतर गया था। प्रतापगढ़ के अठेहा बाजार पहुंचने पर कमलेश ने राहुल से कहा कि गाड़ी वह चलाएगा। इसके बाद स्टेयरिंग कमलेश ने संभाल ली। राहुल पीछे वाली सीट पर बैठ गया।राहुल के अनुसार मोहनगंज बाजार पहुंचने पर कमलेश को झपकी आ गई और फिर सामने से आ रहे ट्रक से कार की भिड़ंत हो गई। कुछ देर बाद राहुल की जब आंख खुली तो उसने देखा कि कमलेश, लल्लू, संदीप की मौत हो चुकी है। सिपाही योगेश सिंह चारों युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सकों ने कमलेश, संदीप, लल्लू को मृत घोषित कर दिया।प्रतापगढ़ के धारूपुर गांव निवासी कमलेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह हर होली और दीपावली पर घर जरूर आता था। कमलेश का परिवार भूमिहीन है। पिता सुक्खू, बड़े भाई रामकुमार व रमेश मजदूरी करके जीविकोपार्जन करते थे। कमलेश के दो बच्चे सूर्या (8), शिवान्या (2) है। कमलेश की पत्नी रीता देवी, मां मलखहिन रो-रोकर बेहाल थे[।ब्यूरो रिपोर्ट प्रतापगढ़]