रक्‍तचाप के लिए डाइट चार्ट
यदि आपका डाइट प्‍लान सही नही है तो आपको कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें हो सकती हैं। ये स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें ही दिल की बीमारी, ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या, कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों का रूप लेती हैं। ब्‍लड प्रेशर को नियमित करने के लिए स्‍वस्‍थ और पोषणयुक्‍त आहार की बहुत जरूरत है। उच्‍च रक्‍तचाप के लिए ऐसा आहार होना चाहिए जिसमें नमक और सोडियम की मात्रा कम हो ।
ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या होने से आदमी की मौत भी हो सकती है। रक्‍तचाप की समस्‍या दो प्रकार की होती है – उच्‍च रक्‍तचाप और निम्‍न रक्‍तचाप। उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। ब्‍लड का प्रेशर 80/130 होना चाहिए। आइए हम आपको ब्‍लड प्रेशर को नियमित करने के लिए डाइट चार्ट के बारे में बताते हैं।
ब्‍लड प्रेशर के लिए डाइट चार्ट –
* उच्च रक्तचाप के रोगी को ज्यादा मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए, साथ ही गरिष्ठ भोजन से भी परहेज करना चाहिए।
* खाने में नियमित रूप से ताजे फलों और सीजनल हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
* लहसुन, प्याज, साबुत अनाज, सोयाबीन आदि का सेवन करने से ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रहता है।
* ब्‍लड प्रेशर के मरीज के खाने में में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा हो और सोडियम की मात्रा कम होनी चाहिए।
* यदि उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या है तो नमक का सेवन कम करना चाहिए।
* डेयरी उत्पादों, चीनी, रिफाइंड खाद्य-पदार्थों, तली-भुनी चीजों, कैफीन और जंक फूड से परहेज करना चाहिए।
* ब्‍लड प्रेशर के मरीज को ज्‍यादा पानी का सेवन करना चाहिए। दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।
* कम मात्रा में बाजरा, गेहूं का आटा, ज्वार, मूंग साबुत तथा अंकुरित दालों का सेवन करना चाहिए। इससे ब्‍लड प्रेशर बढ़ता है।
* पालक, गोभी, बथुआ जैसी हरी सब्जियों का सेवन करने से ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रहता है।
* सब्जियों में लौकी, नींबू, तोरई, पुदीना, परवल, सहिजन, कद्दू, टिण्डा, करेला आदि का सेवन करना चाहिए।
* अजवायन, मुनक्का व अदरक का सेवन रोगी को फायदा पहुंचाता है।
* फलों में मौसमी, अंगूर, अनार, पपीता, सेब, संतरा, अमरूद, अन्नानास आदि सेवन कर सकते हैं।
* बादाम बिना मलाई का दूध, छाछ सोयाबीन का तेल, गाय का घी, गुड़, चीनी, शहद, मुरब्बा आदि का सेवन कर सकते हैं।
नियमित और पौष्टिक आहार के अलावा नियमित रूप से व्‍यायाम और योगा ब्‍लड प्रेशर को नियमित करने में बहुत मदद करता है। सकारात्‍मक सोच रखने से ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रहता है।