संस्कृति और आस्था की संगम नगरी में बच्चों ने बनाया एक और कीर्तिमान “गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड”

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प्रयागराज: प्रयागराज संस्कृति और आस्था की नगरी संगम प्रयागराज की धरती पर एक और कीर्तिमान विश्व रिकॉर्ड बन गया | शनिवार को संगम नगरी से बच्चों ने विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया| प्रयागराज के नैनी में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल { डीपीएस} मैं कक्षा 6 से लेकर 12 तक के 4272 स्कूली छात्र छात्राओं ने जल आधारित प्रयोगों के विषय में लिटमस पेपर पर अपनी राय जाहिर करके  कारनामा कर दिखाया|  गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड की घोषणा एडजुडिकेटर शेफाली मिश्रा ने किया।| इसके पहले 12 अगस्त 2016 को ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन मैं 2895 बच्चों के नाम यह कीर्तिमान था| जो कि 14 दिसंबर 2019 को 4272 बच्चों ने इस कीर्तिमान को प्रयागराज की धरती के नाम रच दिया| डीपीएस में शनिवार को जल आधारित प्रयोग के आयोजन में प्रयागराज, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ ,कौशांबी, वा रेणुकूट, सोनभद्र, के कई स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया कुल 4313 विद्यार्थी प्रतिभाग करने पहुंचे थे| इसमें 41 अयोग्य हो गए| कार्यक्रम डीपीएस पब्लिक स्कूल श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल और आई साइंस बोर्ड की ओर से आयोजित किया गया| गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की शेफाली मिश्रा  बतौर पर्यवेक्षक मौजूद थी| उन्होंने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर उनका सम्मान किया और हौसला बढ़ाया| सीबीएसई   की क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोड़ा (डीपीएस)

  की निर्देशक सोनू सिंह श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रविंदर विरदी समेत विशिष्ट जन इस अवसर पर मौजूद रहे |  बच्चों के इस विश्व कीर्तिमान गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड  प्रयागराज के बच्चों के बनाने पर खुशी और उल्लास की लहर दौड़ गई (डी पीएस) के संयुक्त तत्वाधान में आई साइंस वर्ल्ड की ओर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाने के लिए( डीपीएस) में हजारों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे| वहां का दृश्य ऐसा लग रहा था कि मानो छात्र-छात्राओं की संख्या में बच्चों के कुंभ का आयोजन हो| गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लार्जेस्ट प्रैक्टिकल सेशन में नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के लिए यह सब बच्चे जुटे थे |उन्होंने जल आधारित प्रयोग किया और 14 दिसंबर दिन शनिवार 2019 को प्रयागराज की धरती से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड विश्व कीर्तिमान स्थापित किया| बच्चों के साथ आए हुए उनके माता-पिता अभिभावक गिनीज वर्ल्ड कीर्तिमान का प्रमाण पत्र बच्चों के हाथ में देखकर खुशी से बच्चों को गले लगाते और उनका प्रोत्साहन बढ़ाते दिखाई पड़े |