प्रस्तावित हेलीपोर्ट के लिए सरकार ने दी पांच करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रयागराज : यमुना तट पर बोट क्लब के पास प्रस्तावित हेलीपोर्ट के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड बनाए जाने के लिए 55 लाख रुपये शासन से मंजूर हो गए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष व मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल की बैठक में शीघ्र ही इसका निर्माण शुरू कराने का फैसला हुआ। संगम के पास बनने वाला यह हेलीपोर्ट प्रदेश का पहला हेलीपोर्ट होगा। यहां तीन हेलीकॉप्टर एक साथ लैंडिंग कर सकेंगे और साथ में उड़ान भर सकेंगे। यह स्थायी होगा। इसमें वेटिंग हॉल, टिकट विंडो, फायर टेंडर, एंबुलेंस भी होगी। पर्यटन विभाग की ओर से इसका निर्माण कराया जाएगा। उप निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि जल्द ही इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। बताया कि कुंभ में पर्यटक आसमान से संगम का विहंगम दृश्य देख सकेंगे, इसीलिए ये हेलीपोर्ट बनाया जा रहा है। हेली सेवा के लिए आठ कंपनियों ने अपना प्रजेंटेशन दिया है। इनमें दो कंपनियों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड बनाए जाने का बजट मंजूर हो गया है। झूंसी थाने के पीछे आवास विकास की जमीन पर तथा अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास हेलीपैड बनाया जाएगा। इसका कांस्ट्रक्शन स्थायी होगा। [हेलीपैड और हेलीपोर्ट में अंतर ], हेलीपैड पर एक ही हेलीकॉप्टर एक समय पर लैंड किया जा सकता है जबकि हेलीपोर्ट पर एक साथ कई हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई जा सकती है। एयरफोर्स में कई स्थानों पर हेलीपोर्ट है मगर पब्लिक प्लेस पर ज्यादातर हेलीपैड ही बनाए जाते हैं[।ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]