मेला प्रशासन के सामने खड़ी परेशानी गंगा की धारा में बदलाव

प्रयागराज : गंगा की धारा में आए अचानक बदलाव ने मेला प्रशासन के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है। सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग इस कटान को रोक नहीं पाए। गंगा की मुख्य धारा पूरब में छतनाग की ओर बढ़ जाने से मेला प्रशासन की तैयारियों में अब भारी फेरबदल करना होगा। खाक चौक के लिए अब प्रशासन को नए सिरे से जमीन खोजनी होगी। जो आसान काम नहीं है। इस बीच मेलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को कटान रोकने के निर्देश दिए हैं। संगम के पास गंगा नदी के रुख में अचानक बदलाव आ गया। गंगा ने पिछले दो दिन के भीतर बड़ा कटान करते हुए पूरब का रुख कर लिया। नदी के छतनाग की ओर जाने से सेक्टर 17 में खाक चौक को बसाने की योजना खटाई में पड़ गई है। यही नहीं यहां से गंगा की दो धाराएं हो जाने के कारण बीच में टापू बन गया है। जिससे स्थान भी कम पड़ गया है। क्योंकि यह टापू कटान के कारण अब प्रशासन के किसी काम नहीं आ सकेगा। खाक चौक को सेक्टर 17 में करीब डेढ़ सौ बीघा जमीन दिया जाना था। अब इतने बड़े पैमाने पर एक साथ जमीन देने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी और कई जगह बदलाव करने पड़ सकते हैं। ऐसा तब हुआ जब लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस कटान के प्रति पहले ही अलर्ट किया गया था। ऐसे में मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सिंचाई विभाग के अफसरों को तत्काल यह कटान रोकने का उपाय करने को कहा। उप मेलाधिकारी प्रथम राजीव राय ने बताया कि खाक चौक के संतों के साथ समन्वय से जमीन का आवंटन किया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की असुविधा नहीं है। 30 तक पार्किंग न चली तो विभागीय कार्यवाही शासन की पहली प्राथमिकता कुंभ में पार्किंग और यातायात को लेकर है। ऐसे में मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के जेई से लेकर अधीक्षण अभियंता, सेक्टर अफसरों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें सीओ और उप मेलाधिकारी प्रथम को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि 20 नवंबर तक पार्किंग का 50 प्रतिशत काम हो जाना चाहिए। ऐसा न हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी जाएगी। यही नहीं 30 नवंबर तक पार्किंग पूरी तरह से चालू हो जाए वर्ना विभागीय कार्यवाही की संस्तुति भी कर दी जाएगी।[ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]