शस्त्र का लाइसेंस सुरक्षा को चुनौती

प्रयागराज :प्रयागराज शासन स्तर पर शस्त्र लाइसेंस के लिए फरमान क्या जारी हुआ तो प्रयागराज से लगे कौशांबी जनपद में शौकीनों की बाढ़ आ गई। दो महीने के भीतर पांच हजार से अधिक लाइसेंस के लिए किए गए आवेदन कलेक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग में डंप पड़ी हुई हैं। आवेदकों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। असलहों के शौकीनों के चलते जिले की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

आपराधिक दृष्टिकोण से कौशांबी जिला काफी संवेदनशील है। आए दिन लूट, चोरी व हत्या के अलावा खूनी संघर्ष जैसी वारदातें होती हैं। सुरक्षा की ²ष्टि से उपयोग में लाए जाने वाले शस्त्र जनपद में आम बात हो चुकी है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष 2017 तक जिले में करीब 10 हजार से अधिक शस्त्र हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों की संख्या लगभग आठ सौ है।

अब शासन की ओर से फिर फरमान जारी कर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं। इसके बाद से शस्त्र शौकीनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिनके पास शस्त्र हैं, वह दूसरा शस्त्र लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। कइयों के पास तो दो या तीन से भी अधिक असलहे हैं लेकिन उनकी चाहत इस बार भी खत्म नहीं हो रही है।गौर करने वाली बात तो यह है कि हर दिन फरियादियों के शिकायती पत्र से ज्यादा तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शस्त्र आवेदन की फाइल देखने को मिल रही है।

इसे लेकर एसपी आफिस में मौजूद संबंधित कर्मी भी काफी परेशान हैं। उनका अन्य सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है।इन दिनों कलेक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग में पांच हजार से अधिक आवेदन की फाइल डंप पड़ी हुई हैं। ऐसी परिस्थिति में माना जा रहा है कि शस्त्र के लिए आवेदन करने वाले शौकीन जिले की सुरक्षा पर भारी पड़ सकते हैं। शासन से अनुमति मिलने के बाद तमाम लोगों ने आवेदन किया है लेकिन अभी तक किसी को अनुमति नहीं दी है। आगे किसी को देंगे तो उसकी सुरक्षा या जरूरत देखकर दिया जाएगा। शौकिया असलहा लेने वालों को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।[ ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]