तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरे

प्रयागराज: 2019 दिव्य कुंभ महा कुंभ प्रयागराज की पावन धरती पर शुक्रवार की सुबह तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरे ठंड बढ़ गई कुंभ मेला में आने वाले लोगों के साथ कल्प वासियों को भी दिक्कत हुई। मौसम की मार से शहरवासियों को परेशानी हो रही है। आज सुबह तेज हवा और बारिश के साथ साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्र में ओले गिरे। बारिश रुक रुक कर कई बार हुई। और शाम को 7:00 बजे के आसपास फिर बारिश ने अपना रुख शुरू किया और काफी देर तक बारिश हुई। मौसम के हुए बदलाव से परेशानियां बढ़ गई कल्प वासियों के लिए कहा जाए तो तपस्या जप तप व्रत साक्षात प्रयागराज की धरती पर दिखाई दे रहा है। रुक रुक कर बरसात होने से इसमें ठंड का वर्चस्व बढ़ गया कुंभ मेला में कल्प वासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवा से  झूंसी  थाने के पीछे मेला क्षेत्र में रखे गए शौचालय उलट-पुलट हो गए। वहीं सी आरपीएफ पुलिस के कैंप लगे हैं। उन्हें भी परेशानी हुई कल्प वासियों के लगे टैंट के बाहर पानी भर गया तेज हवाओं के दौर से कितने कल्प वासियों के टेंट उलट पलट गए  जगह-जगह कीचड़ हो गया। कुदरत की इस प्रक्रिया के बीच भी प्रयागराज की धरती पर श्रद्धालु कल्प वाशी स्नान दान पूजन आरती करते रहे। पश्चिम की शीतल और नम हवाएं चलने से दो दिन पहले मौसम ने अचानक करवट ली और दो दिन बारिश हुई। हालांकि अब पूरब की नम हवाएं भी हावी हो रही हैं। दोनों हवाओं के मेल से गुरुवार को न्यूनतम पारा लुढ़क गया। इससेे रात और सर्द हो गई और गलन बढ़ गई। मंगलवार से आसमान पर बादल छाए हैं। सूर्य की किरणों और बादलों में लुकाछिपी चल रही है। मंगलवार और बुधवार के बाद शुक्रवार को भी बारिश हुई। सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश के साथ कई जगह ओले भी गिरे। कुछ घंटों बाद फिर बारिश हुई।सर्द हवा से ठंड बढ़ गई है। बुधवार की तुलना में गुरुवार को अधिकतम पारा 2.9 डिग्री सेल्सियस चढ़ गया जबकि न्यूनतम पारा 4.5 डिग्री लुढ़क गया। मौसम विज्ञानी डा. एसएस ओझा का कहना है कि पश्चिम की शीतल नमी पहले से बनी है। अब पूरब की नम हवाएं भी चलने लगी हैं। दोनों हवाओं का मेल होने से हवाएं ठिठकेंगी। इससे कुछ दिन तक न्यूनतम पारा लुढ़केगा व रात में गलन बढ़ेगी। [ ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]