राज्य शासन के आधीन 12 यूनिवर्सिटी एक-दूसरे से होंगी कनेक्ट
भोपाल आने वाले
दिनों में प्रदेश की सभी राज्य शासन के आधीन 12 यूनिवर्सिटी एक-दूसरे से कनेक्ट हो
जाएंगी। एडमिशन, परीक्षा जैसे हर काम एक साथ, एक वक्त पर होंगे। राज्यपाल और शासन की मंशा पर यूनिवर्सिटी
को हाइटेक करने का सिलसिला शुरू हो चुका है। ग्वालियर यूनिवर्सिटी की कुलपति
डॉ.संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में सभी यूनिवर्सिटी के कुलपतियों की बैठक भोपाल
में हुई। पहले हर यूनिवर्सिटी को अपने स्तर पर तैयारी करने को कहा गया। बाद में
इसे यूनिफाइड करने पर सहमति बनी। बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव 15 जून को भोपाल में
होने वाली स्टैडिंग कमेटी में रखा जाएगा। उसके बाद समन्वय समिति से राज्यपाल की
मंजूरी मिलेगी।
 
तो होगा क्या
 
  • -यूनिवर्सिटी
    में डिजिटल वैल्युएशन होगा। परीक्षा कॉपियों के वैल्यूएशन में गड़बड़ी को लेकर
    लगातार आरोप लगते हैं। डिजिटल वैल्युएशन में इसकी संभावना कम होगी।
  • – परीक्षा कॉपी
    का रिकार्ड रखने की झंझट नहीं होगी। अभी यूनिवर्सिटी के लिए कॉपियां 6 माह तक
    स्टोर करना एक चुनौती है। कॉपियां डिजिटल मोड में होने से परेशानी नहीं।
  • – छात्र का
    पूरा रिकार्ड, टेबुलेशन अंक, ऑनलाइन होगा। पुरानी अंकसूची या डिग्री निकवालने के लिए
    रिकार्ड नहीं खंगालना होगा। कम्प्यूटर पर क्लिक करते ही रिकार्ड सामने आ जाएगा।
  • -अभी एडमिशन
    की प्रक्रिया हर यूनिवर्सिटी अलग-अलग करवाती है। छात्रों को पता नहीं चलता।
    यूनिवर्सिटी अपनी बेवसाइट में प्रक्रिया की जानकारी देती है। कम संख्या में ही
    छात्र लाभ ले पाते हैं। एक साथ एडमिशन होने पर प्रदेशभर के छात्रों को बेहतर चुनाव
    मौका मिलेगा।
  • -परीक्षा भी
    हर यूनिवर्सिटी अपने शेड्यूल से तय करती हैं। सेमेस्टर में लेटलतीफी होती है। एक
    साथ परीक्षा कार्यक्रम तय होने से सेमेस्टर वक्त पर चलेगा।
  • -ऑफिस का काम
    भी फाइलों की बजाए कम्प्यूटर पर होगा। फाइल रखने और कागज की बर्बादी नहीं होगी।
    फाइलें वक्त पर पहुंचेंगी।
  • – कॉलेजों की
    संबद्धता की प्रक्रिया भी कम्पयूटर के जरिए होगी। निरीक्षण के मापदंड सबकुछ
    कम्प्यूटर में दर्ज होने के बाद ही प्रक्रिया पूरी होगी। अभी फीस और अन्य
    जानकारियों को लेकर गड़बड़ी होती है।
  • – कैंपस में
    इंटरनेट की सुविधा पूरी तरह से होगी। अभी इंटरनेट की सुविधा यूनिवर्सिटी में कम ही
    है।

 

 
कब तक संभावना
डिजिटलाइजेशन
के इस काम को पूरा होने में करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। शुरुआत यूनिवर्सिटी में
अगले 6 माह के भीतर होगी। सेंटर सर्वर इंदौर में होगा। लागत करीब 35 करोड़ आ रही
है। हर यूनिवर्सिटी को इन्फ्रास्ट्रक्चर अपने स्तर पर तैयार करना होगा। वर्ल्ड
बैंक से इस काम में सहयोग लिया जा रहा है। करीब 1200 करोड़ रुपए बैंक उच्च शिक्षा
विभाग को उन्नययन के लिए दे रहा है।
 
इनका कहना है

यूनिवर्सिटी
के कम्प्यूटरीकरण को लेकर भोपाल में बैठक हुई। यूनिफाइड तरीके से कम्प्यूटरीकरण
करवाने पर सहमति बनी है। अभी प्रक्रिया होनी बाकी है।-डॉ.मगन सिंह
अवास्या,
कुलसचिव, आरडीयू