बहादुरपुर ब्लॉक के कांदी  गांव में 35 गायों की मौत का अपराधी कौन

  प्रयागराज: प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गोहत्या गो शोषण पर नए नए कानून बना रही है। और गोपालन गौ रक्षा के लिए गौशाला बनवा रही हैं। करोड़ों रुपए का खर्च किया जा रहा है। अपने सारे प्रयास कर रहे हैं गौ रक्षा के लिए गौशाला भी बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं की धज्जियां उड़ाते गौ रक्षा के आयोजन का मजाक उड़ाते अधिकारी और कर्मचारी अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही से प्रयागराज के बहादुरपुर ब्लाक के कांदी  गांव में 35 गायों की मौत हो गई मौत का कारण पूछने पर जांचकर्ता अधिकारियों ने आकाशीय बिजली गिरने का कारण बता दिया।  और मीडिया के जांच में स्थाई निवासियों ने गायों की मौतों का कारण सही देखरेख ना करने के कारण जहां गायों को रखा गया था हुआ था वहां पानी भरे होने के कारण गायों की मौत हुई और सड़े हुए भूसे का इस्तेमाल किया जा रहा था स्थानीय लोगों की बताए अनुसार गायों की देखरेख करने वाले कर्मचारी बीआईपी टेंट में रहते थे। और वहां पर मीट और मदिरा का सेवन करते थे। गायों की मौत के बाद जब यह मामला लखनऊ तक पहुंचा उसके बाद गोसेवक आयोग के लोगों ने गायों की मौत का कारण जानने और गायों की मौत के पीछे किसका हाथ है कौन दोषी है उनको सजा दिलाने के लिए पहुंचे प्रयागराज। बहादुरपुर ब्लाक के  कांदी गांव में 35 गायों की गोवंश आश्रय स्थल में मौत होने के मामले की जांच फूलपुर के एसडीएम को सौंपी गई है। गोवंश आश्रय स्थल में काम करने वाले तीन कर्मियों को हटा दिया गया है। 35 गायों की मौत का मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य जांच को पहुंचे। उन्होंने गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया, ग्रामीणों से बातचीत की। वह संबंधित अधिकारियों से बातचीत भी करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करेंगे।उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह उर्फ अतुल सिंह और सदस्य कृष्ण कुमार सिंह उर्फ भोले सिंह शनिवार को लखनऊ से प्रयागराज पहुंचे। दोपहर में उन्होंने कांदी गांव में गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उपाध्यक्ष ने ग्रामीणों से भी इस संबंध में अलग-अलग जानकारी ली। सूत्रों की मानें तो फौरी तौर पर लापरवाही का मामला सामने आया है। अधिकारियों से भी वह इस संबंध में बैठक करने के बाद गायों की मौत कैसे हुई, इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे।35 गायों का पोस्टमार्टम और उन्हें दफनाने की प्रक्रिया के बाद मुख्य विकास अधिकारी अरविंद सिंह ने कांदी गांव पहुंचकर गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। अधिकारियों को बीमार मवेशियों का इलाज और उनके खानपान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। 10 बीमार गायों को फैजुलापुर स्थित गोवंश आश्रय स्थल भेजा गया है। शेष को महरौड़ा व यरना स्थित आश्रय स्थल भेजा गया। शुक्रवार को ही लखनऊ से पशु विभाग के डायरेक्टर अनिल सिंह ने कांदी गांव के गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक 35 गायों की मौत बिजली गिरने से हुई है। हालांकि गायों की मौत होने के मामले की जांच फूलपुर के एसडीएम विवेक चतुर्वेदी को सौंपी गई है।गोवंश आश्रय स्थल में काम करने वाले तीन कर्मियों को हटा दिया गया है। शनिवार को लखनऊ से आने वाली टीम को लेकर जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। इसमें सीडीओ, एडीएम प्रशासन समेत समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।[ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज ]