“लोक निर्माण विभाग” के तरफ से भुगतान ना होने पर ठेकेदार ने खुद को मारी गोली
इस ख़बर को शेयर करें

वाराणसी:लोक निर्माण विभाग” की लापरवाही, से और भ्रष्टाचारी, कमीशन खोरी, के महकमे में तंगी से परेशान ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव में मुख्य अभियंता के ऑफिस में अपने आप को मारी गोली। कमीशनखोरी के कारण बिल भुगतान में हो रही देरी के चलते आर्थिक तंगी व मानसिक तनाव झेल रहे ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता के दफ्तर में खुद को गोली मार ली। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में गोली चलने से हड़कंप मच गया। वारदात की जानकारी होते ही कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी फोर्स के साथ लोक निर्माण विभाग पहुंचे।गाजीपुर जिला निवासी ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी करते थे। लंबे समय से विभाग पर काफी रकम बकाया थी। विभागीय लापरवाही के कारण लंबे समय से उनका भुगतान नहीं हो पा रहा था। बुधवार की सुबह क्षुब्ध हो कर चीफ इंजीनियर कार्यालय में अवधेश पहुंचे तो बकाया भुगतान करने को कहा, इस पर चीफ इंजीनियर ने उनको बुरी तरह डांट दिया। इसी दौरान ठेकेदार ने मुख्‍य अभियंता अम्बिका सिंह के सामने असलहा निकालकर खुद को गोली मार ली। गोली चलने की जानकारी होने के बाद परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर विभागीय लोग पहुंचे तो ठेकेदार की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मृतक के पास से कई पन्‍नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस उसी के आधार पर अब तहकीकात कर रही है।विभागीय सूत्रों के अनुसार कबीरचौरा महिला अस्पताल निर्माण का लगभग 20 करोड़ रुपये का ठेका था, जिसमें लगभग 90 फीसद तक कार्य हो चुका था। तीन से चार करोड़ रुपये इस समय बकाया था। ठेकेदार इसी रकम के भुगतान के लिए कई माह से मुख्‍य अभियंता कार्यालय का चक्कर काट रहा था। मगर मुख्‍य अभियंता भुगतान के लिए टाल मटोल करते रहे। जबकि इसी महीने काम पूरा कर विभाग काे हैंडओवर करना था। बकाया की वजह से ठेकेदार पर अधिक देनदारी हो गई थी मगर विभाग की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा था। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 1999.79 लाख रुपये कार्य का बजट था मगर कुल 1721.32 लाख रुपये भुगतान हो चुका था। पुलिस को अवधेश के कार चालक बसंत के पास से छह पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। मौके से बरामद सुसाइड नोट व रिवाल्वर- कारतूस को अपने कब्जे में लेते हुए फोरेंसिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला को सौंप दिया है। डीएम और एसएसपी ने मुख्य अभियंता समेत लोक निर्माण के अन्य अभियंताओं से पूछताछ की और दस्तावेज खंगाले। परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर अवधेश को प्रताडि़त करने व हत्या करने का आरोप लगाया है। उधर, विभागीय भ्रष्टाचार के चलते अपने साथी को खोने से क्षुब्ध ठेकेदारों ने नारेबाजी करते हुए जेई  का घेराव कर दिया और जेई की पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह बीचबचाव कर जेई को छुड़ाया। तनाव को देखते हुए परिसर में फोर्स तैनात कर दी गई है।[ ब्यूरो रिपोर्ट]