यातायात के नियम सख्त होते ही प्रदूषण केंद्रों पर भारी लंबी लाइन

प्रयागराज: प्रयागराज  यातायात के नियम कठोर क्या हुए क्या आरटीओ क्या प्रदूषण क्रेंद्र क्या इंश्योरेंस ऑफिस। सभी जगह लंबी- लंबी लाइन और सुबह-सुबह पहुंचकर टोकन लीजिए तो होगा आपका कागज मेंटेन। 1 सितंबर से लागू हुए यातायात के नियम सख्त कार्रवाई शुरू मोटी रकम में चालान से बचने के डर से वाहन स्वामियों ने प्रदूषण इंश्योरेंस और सारे कागजात मेंटेन करने के लिए हर केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगा रहे। वही प्रदूषण केंद्रों पर जहां पहले सन्नाटा छाया रहता था। वहीं अब टोकन देकर प्रदूषण चेक करने का काम किया जा रहा है । एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि प्रदूषण की जांच ऑनलाइन हो रही है। और हर 6 महीने में करवाना होता है। अब इसमें फर्जीवाड़ा नहीं कर सकते। अगर गाड़ी दुआ दे रही है तो प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। अगर प्रदूषण की जांच कराए बिना शहर में वाहन चलाते पकड़े गए तो ₹2000 जुर्माना लगेगा। पहले यह जुर्माना ₹1000 था। बढ़े जुर्माने के हिसाब से कार्रवाई होने लगी तो लोग 50 से ₹80 खर्च करके प्रदूषण का प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए जिले भर में 15 लोग अधिकृत किए गए हैं। पहले इन केंद्रों पर सन्नाटा रहता था। लेकिन अब जांच करवाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई है। कई पेट्रोल पंप पर और आरटीओ कार्यालय के सामने भी जांच हो रही है। 1 सितंबर के बाद इन केंद्रों पर जांच करवाने वालों की लंबी लाइन लगी रहती है। ऑनलाइन हो रही है प्रदूषण की जांच यातायात नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। 1 सितंबर से नए नियम लागू होने के बाद लोग यातायात नियमों का पालन करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। जुर्माने से बचने के लिए अब लोग वाहनों से जुड़े सारे कागजात मेंटेन कर रहे हैं। इसी वजह से प्रदूषण की एनओसी के लिए मारामारी है। जांच केंद्रों पर भारी भीड़ होने से टोकन देकर काम किया जा रहा है। सुबह-सुबह जल्दी जाकर अगर टोकन नहीं लिया तो आपके वाहन की प्रदूषण की जांच नहीं होगी।[ रिपोर्ट संजय गुप्ता]