डीएनए टेस्ट के बाद मासूम बच्ची के सर पर माता पिता की छांव

प्रयागराज: प्रयागराज    1 वर्ष की मासूम बच्ची को उसके माता-पिता की छांव मिली। अस्पताल प्रशासन की गलती से जन्म के बाद ही बाल शिशु गृह  में लावारिस की तरह रह रहे बच्ची को उसके माता-पिता की छांव मिल गई। कुंडा के एक दंपत्ति ने अस्पताल में बच्चा बदलने जाने का आरोप लगाया। सीडब्ल्यूसी के सामने सुनवाई के बाद परिजनों को सौंपी गई मासूम बच्ची। आपको बता दें कि पिछले वर्ष नवंबर में विनोद कुमार गुप्ता की पत्नी को कुंडा प्रतापगढ़ के अस्पताल में जुड़वा बच्चे हुए थे। अस्पताल के दस्तावेज में दोनों शिशुओं को लड़का बताया गया था। उनमें से एक शिशु की मौत हो गई थी। जबकि दूसरे शिशु बच्ची को उन्हें सौंप दिया गया। पर जिन्होंने बच्चा बदले जाने का आरोप लगाते हुए बच्ची को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। पूरे मामले की कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई रिपोर्ट दर्ज होने के बाद और बच्ची का इलाज के बाद प्रयागराज खुल्दाबाद स्थित बाल शिशु गृह में रखा गया। शिशु गृह  में बच्ची को नाम प्रीति दिया गया। सुनवाई न्यायालय तक पहुंची जिसके बाद डीएनए टेस्ट  और डीएनए टेस्ट के बाद स्पष्ट हो गया कि बच्ची का पिता विनोद कुमार गुप्ता ही है। हालांकि यह रिपोर्ट आने के बाद भी परिवार वालों ने शिशु गृह से संपर्क नहीं किया। इस पर बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष कमलेश सिंह ने प्रतापगढ़ एसपी तथा अन्य अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद बुधवार को विनोद कुमार गुप्ता अपने भाई के साथ कर्नलगंज थाने पहुंचे कर्नलगंज थाने से विवेचक के साथ शिशु गृह खुल्दाबाद पहुंचे बाल कल्याण समिति के सामने सभी औपचारिकताएं पूरी की गई साथ ही विनोद कुमार गुप्ता की काउंसलिंग की गई विनोद कुमार गुप्ता बच्ची को अपने गोद में लेते हैं सिसक सिसक कर रोने लगे। शिशु गृह पहुंचे विनोद कुमार गुप्ता को बच्ची स्वीकार करने में कुछ हिचकिचाहट थी। लेकिन काउंसलिंग के बाद बच्ची को गोद में लेकर रोने लगे वह बच्ची को बार-बार चूम रहे थे। और उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। करीब 1 साल तक माता-पिता से दूर रही बच्ची गलतफहमी का शिकार माता पिता पर डीएनए टेस्ट के बाद उनकी  गलतफहमी दूर हुई। और बाल विकास कल्याण समिति की कार्यवाही से एक बच्ची को उसके माता-पिता से मिल गए। कुदरत का खेल कहा जाए यह संयोग कहा जाए। बच्ची को माता-पिता मिले साथ एक भाई भी मिला। हाल ही में विनोद कुमार गुप्ता की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया है। इसी वजह से विनोद कुमार गुप्ता की पत्नी शिशु गृह नहीं पहुंच पाई 1 साल तक बच्ची शिशु गृह में रहने की वजह से कर्मचारियों को  बच्ची से बहुत लगाव हो गया था। पिता और बेटी का यह मिलन पूरे माहौल को बड़ा ही भावुक  कर गया। समिति के अध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि बच्ची को पाने के बाद विनोद काफी भावुक हो गया था बच्ची को विनोद कुमार गुप्ता को सौंपने के बाद 1 साल तक पूरे परिवार के संपर्क में रहा जाएगा ।जरूरत पड़ी तो उन्हें बुलाया भी जाएगा।