“भूखे को खाना प्यासे को पानी” विनोद यादव

प्रयागराज प्रयागराज: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से आज संपूर्ण विश्व परेशान है और अभी तक इस कोरोना वायरस का सही इलाज वैज्ञानिकों के पास  उपलब्ध नहीं हो पाया है| इस बीमारी से बचाने के लिए सभी देश की सरकारें ने अपने- अपने तरीके से अपने जनता के हित के लिए कार्य कर रही है| ऐसे ही भारत सरकार अपने भारत वासियों को बचाने के लिए हर भरपूर प्रयास कर रही है| संपूर्ण भारत को लॉक डाउन कर दिया गया है|भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस दिन से लॉक डाउन का पालन करने की अपील भारत की जनता से की और अगली सुबह से भारत की जनता ने लॉक डाउन पालन करना शुरू किया|

क्रेंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने लॉक डाउन के दौरान कोई व्यक्ति भूखा ना रहे| इसका निर्देश इसकी व्यवस्था शासन प्रशासन के माध्यम से की है| और इन व्यवस्थाओं में सभी वर्ग के लोग अपना अपना पूर्ण योगदान दे रहे हैं| ऐसा ही योगदान समाजवादी पार्टी के युवा  नेता विनोद यादव कर रहे हैं|

हाईवे पर मजदूरों को फूड पैकेट और पानी की बोतल वितरण करते हुए विनोद यादव

 

  लॉक डाउन का मतलब घर पर ही रहे हैं| घर से बाहर ना निकले| ऐसी मुश्किल परिस्थितियों में आम जनता कैसे अपना गुजर बसर करें| लॉक डाउन  के दौरान जो जहां था वह वही फंसा रहा| फिर वह अपने घर को जाने के लिए परेशान होने लगा| फैक्ट्रियां बंद दुकानें बंद सारी संस्थाएं बंद परेशानियों का दौर शुरू अलग-अलग राज्यों से आए हुए अलग-अलग राज्यों के लोग अपने अपने घरों को पहुंचने के लिए कंधे पर अपना बैग टांगे जिस तरीके साधन मुहैया हुए या नहीं मुहैया हुए पैदल ही निकल पड़े| पर इस समस्या के बीच सबसे बड़ी जरूरत है|

ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को राहत सामग्री वितरण करते विनोद यादव

{वह है पेट की भूख और प्यास } चलने के लिए साधन हो या ना हो पदयात्रा हो सकती है|पेट की भूख और प्यास मिटाने की कहीं आस दिखाई पड़ती है| जो दिल खुशियों से झूम उठता है| ऐसा ही कुछ इस लॉक डाउन के दौरान हो रहा है|गरीब वर्ग के लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने का जिम्मा समाजवादी पार्टी के युवा नेता विनोद ने यादव उठाया |

ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को राहत सामग्री वितरण करते विनोद यादव

अपने- अपने गंतव्य स्थान को जाते मजदूरों की भूख प्यास मिटाने का कार्य रास्ते में खड़े ट्रक ड्राइवरो को फूड पैकेट बनवा कर और पानी की बोतल मजदूरों को ट्रक ड्राइवरों को मुहैया करा रहे हैं| और अपने क्षेत्र के ग्राम सभाओं में पहुंचकर जो भी जरूरतमंद है| उसको राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं|जरूरतमंदों को अपने हाथों से राशन सामग्री वितरण कर रहे हैं|

ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को राहत सामग्री वितरण करते विनोद यादव

गरीब वर्ग के लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने का जिम्मा समाजवादी पार्टी के युवा नेता विनोद ने यादव उठाया है| विनोद यादव ने लॉक डाउन की शुरुआती दिनों से लगातार अपने क्षेत्र के गांव में और हाईवे पर राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं| हर उस जरूरतमंद तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं| जहां तक पहुंच सकते हैं|

ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को राहत सामग्री वितरण करते विनोद यादव

उनके क्षेत्र में कोई भूखा प्यासा ना रहे जब तक वैश्विक महामारी कोरोना से निजात नहीं मिल जाती| उनकी दिनचर्या सुबह से शाम तक चाहे वह ग्रामसभा का हो या हाईवे पर  खड़े ट्रक ड्राइवर या पदयात्री सब पर पैनी नजर रख कर सभी को रोटी और पानी मुहैया करा रहे हैं|विनोद यादव का कहना है कि इंसान ही इंसान के काम आता है और इस परेशानी की घड़ी में अगर हम आप किसी की मदद करने लायक हैं तो इसमें हमें आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए जिससे मानवता बनी रहे |