हिमाचल हादसे में पूर्वांचल के 16 लोगों की मौत

वाराणसी । हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूस्खलन से यात्री बसों पर पहाड़ गिरने की घटना में पूर्वांचल के मऊ, बलिया व आजमगढ़ जिले के 16 लोगों की भी मौत हुई है। ये सभी लोग पर्यटन यात्रा पर निकले थे। इसकी खबर सोमवार को मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।

मऊ के तीन परिवारों से कुल 11 लोग इस आपदा के शिकार हुए हैं। मृतकों में हरदसपुर गांव निवासी पेशे से ठेकेदार 35 वर्षीय राणा प्रताप सिंह, उनकी 30 वर्षीय पत्नी मधु सिंह, 13 वर्षीय पुत्री वैष्णवी व 5 वर्षीय गुलगुल उर्फ लक्ष्मी तथा 10 वर्षीय पुत्र तेजस्वी प्रताप शामिल हैं।

उनके साथ ही रेलवे कालोनी में रहने वाले बलिया के खरुहांव गांव के मूल निवासी सूर्यदेव सिंह उर्फ प्रिंस (32) पुत्र श्यामदेव, उनकी पत्नी संगीता (30), पुत्र सत्यप्रकाश (10), पुत्री अनुष्का (8) व प्रिंस की बहन कोपागंज थाना क्षेत्र की कुर्थीजाफरपुर निवासी वंदना, उनकी बेटी तनु व अंश भी गए थे।

सभी एक ही बस से धर्मशाला से मनाली जा रहे थे। हादसा शनिवार की रात लगभग 12 बजे हुआ था। परिवार वालों से अंतिम बार संपर्क उसी दिन शाम सात बजे हुआ था। रात 10 बजे के बाद मोबाइल फोन न मिलने से परिजन परेशान थे। ये सभी लोग बीते छह अगस्त को ही यात्रा पर निकले थे। सोमवार की सुबह 10.15 बजे किसी मृतक के मोबाइल नंबर से उनके मित्र के मोबाइल फोन पर काल आई तब जाकर इस हृदय विदारक घटना की जानकारी हुई।

काफी देर बाद लोगों ने हिम्मत कर मृतक के बड़े भाई को हादसे की सूचना दी तो भाई व भतीजा हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए। आजमगढ़ के अतरैठ बाजार निवासी पवन (25) पुत्र राजेंद्र, उमेश (27) पुत्र अवधेश, कन्हैया (18) पुत्र दीनदयाल तथा रिश्तेदार लखनऊ निवासी दीपचंद (18) पुत्र शिवशंकर वैष्णो देवी दर्शन के लिए एक सप्ताह पूर्व रवाना हुए थे। देवी दर्शन के बाद सभी मित्र हिमाचल प्रदेश की पर्यटन यात्रा के लिए चल दिए।

शनिवार की रात मंडी जिले में पहाड़ दरकने के चलते दो बसों में सवार यात्री मलबे में दब गए। सोमवार को जिले के चारों मृत युवकों की पहचान संभव होने पर जिला प्रशासन के माध्यम से यह खबर परिजनों तक पहुंची। मौत की खबर पाते ही उनके परिवार में मातम छा गया।

सराफा व्यवसायी मृतक पवन दो भाइयों में छोटे थे। सराफा का व्यवसाय करने वाले उमेश चार भाइयों में सबसे बड़े थे। मृतक दीपचंद माता-पिता के इकलौता पुत्र थे और लखनऊ में व्यवसाय करते थे।