राजपथ पर दिखेंगी देश की शान से जुड़ी 26 झांकियां

आगामी गणतंत्र दिवस परेड समारोह में इस साल 26 झांकियां प्रदर्शित की जा रही हैं, जिसमें भारत की सैन्‍य शक्ति, सांस्‍कृतिक विविधता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास और आर्थिक समृद्धि को प्रदर्शित किया जाएगा।  इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर कुल 26 झांकियां देखने को मिलेंगी। इसमें 3 सेना की, 17 राज्‍य और 6 केन्‍द्रीय मंत्रालय और विभागों की होंगी। इसमें ओडिशा कि ओर से ढोला झांकी की प्रस्तुती दी जाएगी।

अरूणाचल प्रदेश की झांकी में याक नृत्य देखने को मिलेगा जबकि महाराष्ट्र की झांकी में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को देखा जा सकेगा। मणिपुर की झांकी प्राचीन धार्मिक नाट्यों में से एक लाइ हराओबा को प्रस्तुत कर रही है जबकि लक्ष्यद्वीप की झांकी पर्यटक स्थल को दर्शा रही है।

कर्नाटक की झांकी जहां अपना लोक नृत्य पेश कर रही है वहीं राजधानी दिल्ली की झांकी में मॉडल विद्यालयों को दिखाने का प्रयास किया गया है। हिमाचल प्रदेश की झांकी में जहां चंबा रूमाल को देखा जा सकता है तो हरियाणा की झांकी बेटी बचाओ- बेटी पढाओ के जरिये महिला सशक्तिकरण को प्रदर्शित कर रही है।

पश्चिम बंगाल की झांकी में जहां शरद उत्सव दिखाने का प्रयास किया गया है वहीं पंजाब की झांकी पंजाब का खूबसूरत पारम्परिक नृत्य जागो आईया लेकर आई है। तमिलनाडू की झांकी में जहां प्राचीन लोक नृत्य करकट्टम को दिखाया जा रहा है तो गोवा की झांकी में गोवा की संगीत विरासत देखी जा सकती है।

जम्मू और कश्मीर की झांकी में इस बार गुलमर्ग में शीत क्रीड़ाओं को दिखाया गया है वहीं असम की झांकी कामाख्य मंदिर को प्रदर्शित कर रही है। त्रिपुरा में जहां होजागिरी नृत्य पेश किया गया है तो गुजरात की ओर से कच्छ की कला-संस्कृति और जीवन शैली को दर्शाया गया है। इस झांकी में कच्छ की विश्व प्रसिद्ध रंग-बिरंगी कला संस्कृति आकर्षण का केंद्र है।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने जहां वस्तु और सेवाकर यानि जीएसटी को दिखाया है वहीं एमएसएमई मंत्रालय ने खादी इंडिया को झांकी बनाया है। आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय की झांकी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी के लिए घर पर केंद्रित किया गया तो सीएसआईआर अपने 75 सालों की गाथा बयां कर रहा है। सीपीडब्ल्यूडी की ओर से ‘ग्रीन इंडिया-क्लीन इंडिया’ को देखा जा सकता है तो वहीं कौशल विकास मंत्रालय ने कौशल विकास के जरिये बदलते भारत की तस्वीर पेश की है।