खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र, 13 विधेयक हुए पारित

खत्म हुआ संसद का मॉनसून सत्र, लोकसभा में 78 और राज्यसभा में 80 फीसदी कामकाज, 19 बैठकों के दौरान कुल 13 विधेयक हुए पारित , निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार, संशोधन और बैंकिंग रेंगुलेशन जैसे अहम विधेयकों को हरी झंडी मिली।

आज संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। इस सत्र में जहाँ देश को नये राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति मिले तो वहीं कई अहम विधेयक पारित भी हुए हालाँकि विपक्ष, ख़ासकर कॉंग्रेस की विरोध की राजनीति के चलते राज्य सभा में कामकाज प्रभावित भी हुआ और इस तरह 17 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्‍त तक चला संसद का ये ऐतिहासिक मानसून सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया।

इस सत्र में 19 बैठकें हुईं और इस दौरान लोक सभा में 77.94% और राज्य सभा में 79.95% कार्य हुआ। लोक सभा में इस सत्र में 14 विधेयक पारित हुए जबकि राज्यसभा में ने 9 विधेयकों को मंजूरी दी। दोनों सदनों में कुल मिलाकर 13 विधेयक पारित किए गए। जिन विधेयकों को दोनों सदनों से मंजूरी ली उनमें

निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार संशोधन विधेयक, केंद्रीय माल और सेवाकर (जम्मू कश्मीर पर विस्तारण) विधेयक 2017, बैंकिंग रेगुलेशन (संशोधन) विधेयक 2017, फुटवियर डिज़ाइन और विकास संस्थान विधेयक 2017, भारतीय सूचना प्रोद्योगिकी संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2017 शामिल हैं।

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक को लेकर सरकार ने उमीद जताई है की इस पर सहमति बन जाएगी। इस दौरान लोक सभा में देश में खाद्यान की स्थिति और भीड़ द्वारा हिंसा और पीट कर मार देने जैसी घटनाओं और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा हुई।

राज्य सभा में भी देश में अल्पसंख्यकों और दलितों पर भीड़ द्वारा हिंसा, किसानों के बढ़ते आत्महत्याओं के मामले और विदेश नीति पर अल्पावधि चर्चाएं हुईं। इस सत्र के दौरान ही देश ने 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगाँठ मनायी। इस मौके पर दोनों सदनों में विशेष चर्चा आयोजित की गई जिसमे सभी दलों ने हिस्सा लिया. । दोनों सदनों में चर्चा के बाद एक प्रस्ताव भी पारित किया गया ।

एक ओर जहां काफी काम हुआ वहीं हंगामा भी कम नहीं हुआ। विपक्ष ने तमाम मसलों पर हंगामा किया जिससे कई बार कार्यवाही बाधित भी हुई। इन सबके बीच ये सत्र कुछ सासंदों के लिए आखिरी सत्र था। वैसे राज्यसभा में नौ सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है जिनमे से तीन सांसदों सीताराम येचुरी (सी पी एम), डी. बंद्योपाध्याय (तृणमूल कॉंग्रेस) और दिलीप पांड्या (बीजेपी) को विदाई दी गई जो वापस चुनकर नहीं आ रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत छह सांसद दोबारा चुन कर आ गए हैं।

मॉनसून सत्र बीजेपी के लिए खास रहा क्योंकि पहली बार बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह सदन के भीतर पहुंचे हैं। बीजेपी के लिए खुशी इसलिए भी ज्यादा थी क्योंकि पहली बार वो कांग्रेस को पीछे छोड सदन में सबसे बडी पार्टी बन गयी। राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिल रही जीत और एनडीए में नए सहयोगियों के जुडने के बाद अब संसद के उच्च सदन में भी भाजपा का वर्चस्व बढ़ गया है जिससे आने वाले वक़्त में केंद्र सरकार देश के विकास के लिए अपने अजेंडे को संसद के ज़रिए आसानी से लागू कर पाएगी।