रानीपुरा में सात लोग जिंदा जले, 20 करोड़ का नुकसान

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इंदौर। मंगलवार को रानीपुरा में हुए भीषण अग्निकांड में एक के बाद एक नौ दुकानें चपेट में आ गईं। वहीं सात लोग जिंदा जल गए। इस भीषण अग्निकांड में लगभग 20 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। बुधवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे व्यापारियों ने मलबे के बीच बचा हुआ सामान तलाशना शुरू किया। जो लोग इस हादसे में मौत का शिकार हुए, उनके शवों का एमवाय अस्पताल में पीएम कराया जा रहा है।

रानीपुरा स्थित दिलीप फायर वर्क्स में लगी आग ने आसपास की आठ अन्य दुकानों को चपेट में ले लिया और शहर के इस व्यस्त बाजार में हडक़ंप मच गया। मौके पर दमकल की गाडिय़ां, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक करोड़ों रुपए का माल जलकर नष्ट हो गया। वहीं सात लोग अपनी जान गंवा बैठे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आग बुझा रहे दमकलकर्मियों ने आग में घिरे कुछ लोगों की जान भी बचा ली। बताया जाता है कि यदि समय पर उन्हें बाहर नहीं निकाला जाता तो मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती थी।

उधर, आज सुबह घटनास्थल पर व्यापारी उनके परिजन व दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारी पहुंचे और मलबे में दबे अपने सुरक्षित सामान को तलाशते दिखाई दिए। वहीं बिजली कंपनी के कर्मचारी क्षतिग्रस्त हुई लाइन दुरुस्त करने में जुटे थे तो निगमकर्मी मलबा हटाने का कार्य कर रहे थे। बताया जाता है कि आग में लगभग 20 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि अभी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

एएसपी करेंगे जांच, शाम तक सौंपेंगे रिपोर्ट
कल हुई घटना को लेकर जहां कलेक्टर पी. नरहरि ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए है। वहीं डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा मामले को लेकर पुलिस की भूमिका की जांच कराई जा रही है। इसके लिए एएसपी पूर्व झोन-2 बिट्टू सहगल को जांच सौंपी गई है। घटनास्थल के समीप ही पुलिस चौकी भी है। सूत्र बताते हैं कि शादी-ब्याह के चलते पटाखा व्यापारियों द्वारा अपने यहां सेम्पल के नाम पर पटाखों का स्टाक किया जा रहा था। चौकी पर तैनात पुलिस को इसकी जानकारी थी। उनके सामने ही पटाखों से भरी गाडिय़ां आती-जाती थीं। बावजूद इसके कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीआईजी द्वारा कराई जा रही जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। एएसपी बिट्टू सहगल आज शाम तक जांच रिपोर्ट डीआईजी को सौंपेंगे। उधर कलेक्टर द्वारा भी मामले को लेकर जांच कराई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी जिला प्रशासन के अधिकारियों से घटना से संबंधित जानकारी मांगी है।

यातायात पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
एक ओर जहां घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां पहुंचने में संकरी गलियों के कारण परेशानी हो रही थी। वहीं रानीपुरा से राजवाड़ा और जवाहर मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते पर जाम लग गया था। इसके चलते वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ट्रैफिक जवान भी मौके पर पहुुंचे और ट्रैफिक डायवर्ट करते हुए वाहनों को दूसरे रास्तों से रवाना कर जाम खुलवाया।

गाइड लाइन नहीं मानी
पिछले साल पहले राऊ पटाखा फैक्ट्री और उससे पहले पेटलावद विस्फोट के बाद प्रशासन ने रानीपुरा स्थित पटाखा दुकानों के लिए भी गाइड लाइन तैयार कर दी थी। प्रशासन ने सभी पटाखा दुकानों को शहर से बाहर करने के निर्देश दिए थे। इस पर पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने यह कहकर दुकानें शिफ्ट नहीं की कि वे दुकान में सिर्फ सेंपल के पटाखे रखेंगे। गोदाम शहर से बाहर होंगे।