एक ऐसी दीवाली, जिसमें चीनी लाइट की झालर नहीं

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कोरोना वायरस के अंधेरे के खिलाफ जंग में रात 9 बजते ही 9 मिनट के लिए दिये, मोमबत्ती, टॉर्च और फोन की फ्लैश लाइट जगमगा उठे। सारे देश ने दीपक की रौशनी से एकजुटता का सन्देश दिया|

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए रविवार की रात नौ बजे नौ मिनट तक घर की बालकनी में दीये जलाने की अपील की थी, उनकी इस अपील का आसार यह हुआ कि देश में दीवाली सा नजारा दिखा| इस मुहिम में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए|

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥

हर तरफ निराशा और नकारात्मकता का माहौल है। ऐसे वक्त में पीएम मोदी ने देशवासियों के साथ दीया जलाकर सारी नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर लोगों में आत्मविश्वास भरने की कोशिश की है। इस मौके पर इस खास ड्रेस के जरिए पीएम मोदी कुछ और संदेश भी देने की कोशिश करते दिखे। पीएम मोदी का यह परिधान बिल्कुल आम भारतीय को प्रदर्शित करने वाला था। आमतौर पर भारत के ग्रामीण हिस्से और छोटे शहरों में लोग शाम को घर लौटने पर लूंगी और कुर्ता पहनना ही पसंद करते हैं। यह परिधान काफी कंफर्ट होता है, जिससे बॉडी को रिलेक्श महसूस होता है। शायद इस परिधान के जरिए पीएम मोदी संदेश दे रहे हों कि वे भी आम भारतीय हैं। घर पर वे भी बिल्कुल उन्हीं की तरह रहते हैं।

कोरोना के अन्धकार को मिटने ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दीप जलाये| इसके साथ ही उन्होंने लोगों के लिए ट्विटर पर वीडियो जारी किया| उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आव्हान पर सभी देशवासियों के साथ आज दीप प्रज्वलित कर कोरोना को हराने का संकल्प लिया। अखंड भारत की ज्योत ने आज सकारात्मक ऊर्जा से विश्व को आलोकित कर दिया।

मेरे सर पे छत नहीं तो क्या…पैसे नहीं तो क्या. देश से प्यार..देशहित पर कुछ कर गुजरने का जज़्बा कम तो नहीं..साहब दिया मैने दिल से जलाया है छोटा ही सही पर अपना भाग निभाया है…..आप करोड़ो रख के रोइये कारण पुछिये…मैंने देश एकजुटता में फ़र्ज़ निभाया है