कोरोना महामारी: 15 दिन में खत्म हो गया धनबाद का एक परिवार, कोरोना पीड़ित मां को कंधा देने वाले 5 बेटों की भी संक्रमण से मौत

कोरोना महामारी ने एक हंसते-खेलते परिवार पर ऐसा कहर ढाया कि परिवार में मातमी सन्नाटा पसर गया है. कुछ दिनों पहले जिस परिवार में खुशियां मनायी जा रही थी, आज वहां चीत्कार है. दरअसल, झारखंड के धनबाद के कतरास में एक ही परिवार के छह सदस्य कोरोना के काल में समा गये. पूरे देश में संभवतः ये पहली घटना होगी,जहां महज 15 दिनों में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई.

मां और उसके पांच बेटों की मौत
दिल को दहला देनेवाला ये मामला धनबाद के कतरास इलाके का है. जहां रानी बाजार में रहने वाले एक परिवार के छठे सदस्य की सोमवार को कोरोना संक्रमण से मौत हो गई. कोरोना ने इस परिवार में सबसे पहले बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बनाया था. मिली जानकारी के अनुसार, चार जुलाई को सबसे पहले 88 वर्षीय मां का निधन बोकारो के एक नर्सिंग होम में हुआ. बाद में शव की जांच की गयी तो पता चला कि महिला कोरोना पॉजिटिव थी. उसके बाद एक-एक कर उनके पांच बेटे भी संक्रमण के ऐसे शिकार हुए कि फिर कभी ठीक नहीं हुए.

महिला की मौत के बाद उनके एक बेटे ने रांची के रिम्स कोविड अस्पताल में दम तोड़ दिया. कुछ दिनों बाद दूसरे बेटे का केंद्रीय अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. तीसरा बेटा, जो धनबाद के एक निजी क्वारंटीन सेंटर में भर्ती था, वहीं उनकी मौत हो गयी. बाद में उनका ड्राइवर उन्हें लेकर पीएमसीएच पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

फिर 16 जुलाई को कोरोना का कहर परिवार पर टूटा और चौथे बेटे की भी टीमएच जमशेदपुर में कैंसर बीमारी के इलाज के दौरान मौत हो गयी. और महिला का पांचवां बेटा भी धनबाद के कोविड अस्पताल में रेफर करने के बाद रिम्स रांची में भर्ती था, जहां सोमवार (20 जुलाई) को उसने अंतिम सांस ली. देखते ही देखते एक पखवाड़े में एक पूरा परिवार कोरोना के कारण तबाह हो गया. वहीं, परिवार के कई और सदस्यों का भी इलाज चल रहा है.

जून में गूंज रही थी शहनाई, आज मातम
इस परिवार पर कोरोना के कारण आयी ऐसी को जो भी सुन रहा है, उसका कलेजा फटा जा रहा है. लोग कह रहे हैं कि परिवार की खुशियों को किसी की नजर लग गयी. पिछले महीने जून में ही इस परिवार में कितनी रौनक थी. शादी की शहनाई गूंज रही थी. हंसता-खेलता परिवार शादी की खुशियों से सराबोर था. और इसी शादी में शामिल होने के लिए जून महीने में महिला दिल्ली से कतरास स्थित अपने घर आई थी. लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. महिला की मौत के बाद ये सिलसिला रुका नहीं, देखते ही देखते उसके पांच बेटे भी संक्रमण की चपेट में ऐसे आये कि दुनिया को अलविदा कह दिया.