चारबाग के होटल में लगी भीषण आग, मृतकों को 2 लाख व घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान

लखनऊ। चारबाग के होटलों में लगी भीषण आग के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये, आग से झुलसे लोगों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। वहीँ इस अग्निकांड की जाँच एडीजी जोन लखनऊ को सौंपी गई है। एडीजी ने पूरे घटनाक्रम की जाँच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, जाँच में दोषी पाये जाने पर एलडीए के अफसरों के साथ फायर विभाग के अधिकारी भी फंस सकते हैं। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इन लोगों की आग से जलकर हुई मौत
Hotel SSJ International और Hotel Viraat International में हुए अग्निकांड में एसएसजे इंटरनेशनल व विराट होटल में लगी आग की घटना में 5 लोगों की मृत्यु हुई है, जिसमे 3 अज्ञात हैं। जिन मृतकों की पहचान हुई है उनके नाम प्रियांश शर्मा (40) वर्ष पुत्र राम अवतार निवासी खत्री पारा थाना अतरौली अलीगढ़, मेहर (डेढ़ वर्ष) c/o आसिफ निवासी बेकन गंज चमनगंज कानपुरनगर हैं।

एशिया में सबसे ज्यादा होटल चारबाग में ही हैं। यहां करीब 450 होटल हैं, इनमें से 220 के करीब होटल पंजीकृत हैं। जबकि बाकी के सभी होटल अधिकारियों की सरपरस्ती में अवैध रूप से चल रहे हैं। आरोप है कि एलडीए और अग्निशम विभाग के सीएफओ अभय भान पांडेय की तरफ से लाखों रूपये लेकर बिना मानकों के एनओसी जारी की जाती है। मौके पर लोगों ने बताया कि सुबह तकरीबन 5:30 पर एसएसजे होटल में आग लगी जिससे चीख-पुकार मच गयी।

उस समय होटल में पर्यटक सोये हुए थे। आनन-फानन में सभी जिस अवस्था में थे उसी अवस्था में बाहर निकल कर भागे। लेकिन तब तक आग विकराल हो चुकी थी और उसने होटल को पूरी तरह जला दिया। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि होटल में आग लगने के कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। पर्यटकों ने बताया है कि जो स्टाफ था उनमे से किसी ने भी आग बुझाने की कोशिश भी नहीं की।

अवैध टैक्सी स्टैंड बना दमकल के लिए मुसीबत
वैसे भी शहर में ट्रैफिक की अराजकता के लिए पुलिस सीधे तौर पर जिम्मेदार है। सड़कों पर अवैध अड्डे पुलिस की निगरानी में चलते हैं। यूनियनों का काम गाड़ी वालों सुविधाएं मुहैया कराने की बजाय वसूली करके पुलिस को पहुंचाना है। चारबाग में सिटी सब्जी मंडी और रेलवे स्टेशन के सामने सड़क पर अवैध टैक्सी स्टैंड पर हर समय आड़ी तिरछी टैक्सियां राहगीरों के लिए रोजाना मुसीबत बनती हैं।

टैक्सियों की वजह से ही अग्निशमन की गाड़ियों को मौके पर जाने में काफी देर लग गई, तब तक होटल धू-धू कर जल गए। होटल पर्यटकों के मुताबिक पुलिस को सूचना देने पर जहां पुलिस टीम सवा 6 बजे पहुंच गयी वहीँ दमकल की गाड़ियां 7:30 बजे पहुंची। जिसकी वजह से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। अगर दमकल की गाडियां समय से पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।

राजधानी लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र स्थित चारबाग के दो होटलों में मंगवार सुबह तड़के अचानक भीषण आग लग जाने से हड़कंप मच गया। आग लगने से धुएं का काला गुबार देख लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर फौरन दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। पुलिस जब तक आग बुझा पाती तब तक दोनो होटल धू-धू कर जल गया। मौके पर पहुंची दमकल की दर्जनभर गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन होटल जलकर नष्ट हो गए।

आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगने से एक बच्ची सहित पांच लोगों की जलकर मौत होने की सूचना है, एक बच्ची का जला हुआ शव बरामद हुआ है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अग्निकांड के बाद कैबिनेटमंत्री रीता बहुगुणा जोशी भी मौके पर पहुंची। मौके पर कई एम्बुलेंस मौजूद रही जो रेस्क्यू के दौरान कंबल में लपेटकर होटलों से बाहर निकाले गए लोगों को अस्पताल ले जा रहे थे।

स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर होटल में मौजूद लोगों को सकुशल बाहर निकाला लिया। बताया जा रहा है कि होटल में ठहरे मुसाफिरों की कार में भी आग लगने से विस्फोट हुआ है। आग लगने से दोनों होटलों के पास के दो होटल भी आग की चपेट में आये हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही एसएसपी दीपक कुमार पुलिस अफसरों के अलावा फायर ब्रिगेड के जवानो के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने आग को काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया। तब तक लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई और होटल में ठहरे पर्यटकों में भगदड़ मच गई। लिहाजा काफी मशक्कत के बाद फायर फाइटिंग टीम के जवानों ने आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि होटल में आग बुझाने के कोई उपकरण मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

होटल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही आ रही सामने
रोज की तरह से अधिक मंगलवार को चारबाग इलाके में भीड़ ज्यादा थी। एसएसपी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा होने के चलते चारबाग के सभी होटल अभ्यर्थियों से फुल है। इन होटलों में भी अभ्यर्थी ठहरे थे। आरोप है कि एलडीए और अग्निशम विभाग के सीएफओ अभय भान पांडेय की तरफ से लाखों रूपये लेकर बिना मानकों के एनओसी जारी की जाती है। आरोप है कि होटल मालिक फरार हैं, वह आग लगने के बाद भी मौके पर नहीं हैं। लोगों ने बताया कि होटल में मौजूद कर्मचारी और होटल में रूके पर्यटक बेफिक्र थे कि अचानक भगदड़ मच मच गई और लोग इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। आग की लपटें निकलती रही और बचाओ-बचाओ की चीख-पुकार मची थी।

बाहर निकलने की जगह मौत
बताया जा रहा है कि होटलों में Emergency Exit नहीं है। अगर कोई घटना घाटी तो छत पर जाने के बाद ही एक गेट से बाहर निकलना पड़ेगा। आज हुए अग्निकांड में भी लोग बाहर निकलने के लिए इधर उधर भागते रहे लेकिन कोई बाहर नहीं निकल पाया। बताया जा रहा है कि होटलों में दूसरे प्रदेशों के भी लोग ठहरे हुए थे। बाहर निकलने का रास्ता ना होने के कारण अपनी जान बचाने के लिए सब भागते रहे।

पैसे गहने सारा सामान जलकर हुआ राख
आग लगने से जो मुसाफिर होटलों में ठहरे हुए थे उनका सारा सामान जलकर राख हो गया। महिलाएं रो-रोकर दर्द बयां कर रही थी कि हमारा सारा सामान, जेवरात और पैसे भी जलकर राख हो गए। आग लगने के बाद जिन लोगों की जान बची वह भगवान का शुक्रिया कह रहे थे। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया आग लगने के बाद होटल में करीब 35 से 40 लोग फंसे थे, जिन्हें रेस्क्यू के बाद बचा लिया।

सुबह तड़के होटलों में लगी आग
जानकारी के मुताबिक, नाका थाना क्षेत्र के चारबाग गुप्ता नगर में मुस्लिम मुसाफिरखाना के पास दूध मंडी रोड पर 46/46A में Hotel SSJ International है। इससे सटा हुआ 46-C Hotel Viraat International है। होटल के बेसमेंट में ही बार (BAR) है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 6:15 बजे विराट होटल में शार्ट सर्किट से चिंगारियां निकल रही थीं। देखते ही देखते होटल में आग लग गई। लोगों ने शोर मचाया तो भीड़ इकठ्ठा होने लगी और इसकी पुलिस को सूचना दी गई।जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची तब तक दोनों होटल धू-धू कर जलने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आग लगने के बाद होटलों में ठहरे पर्यटक भागने लगे और चीखने चिल्लाने लगे। होटल की पार्किंग में खड़ी पर्यटकों की कार में विस्फोट हुआ और वह भी धू-धू कर जल गई।

आग में झुलसे पांच अस्पताल में भर्ती- एसएसपी
आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर एसएसपी दीपक कुमार कई थानों की पुलिस और अग्निशम की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मॉस्क लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों की मदद से होटल में फंसे लोगों की सकुशल बाहर निकाला। इस घटना के एक बच्ची की मौत सहित कई लोगों के झुलसने की सूचना है। लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि आग लगने के चलते इन होटलों के पिछले हिस्से के पास में स्थित होटल मेराज और Hotel Gagan भी चपेट में आ गए। एसएसपी ने बताया कि पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी ने बताया कि होटलों में फंसे लोगों का घंटो रेस्क्यू चलाया गया और होटल में ठहरे लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।