विक्रम लेंडर को इसरो से संपर्क कराने चंद्र देव से प्रार्थना करने के लिए यमुना ब्रिज पर चढ़ा युवक

प्रयागराज से आया एक अनोखा मामला एक शख्स मांडा थाना क्षेत्र के भौसरा नरोत्तम गांव निवासी रजनीकांत बिंद पुत्र लक्ष्मीकांत बिंद खेती किसानी करता है।16 सितंबर को वह नए यमुना पुल के पिलर नंबर 18 पर शाम को लगभग सात बजे के चढ़ गया। पुलिस टीम पहुंची और पिलर पर तिरंगा झंडा लगाकर बैठे रजनीकांत को उतारने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उतरा। मंगलवार को भी पुलिस का प्रयास असफल रहा। बुधवार को वाराणसी से क्रेन बुलाकर शाम को पुलिस ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की तो वह और ऊपर चढ़ गया। इस बीच पुल पर अच्छी खासी भीड़ लग गई। पुलिस को भीड़ हटाने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ीं। मौके पर नैनी और कीडगंज पुलिस के साथ सीओ करछना सच्चिदानंद भी दल बल के साथ पहुंच गए।

रजनीकांत नए पुल पर तीन बार चढ़ चुका

बुधवार को उसकी पत्नी कुसुम भी अपने डेढ़ साल के बेटे को लेकर पहुंच गई थी। कुसुम ने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। एसएसआई अरविंद सिंह ने बताया कि रजनीकांत का शांतिभंग में चालान किया जाएगा। पूछताछ में उसने बताया कि वह चंद्रयान-2 की सफलता के लिए दुआ मांगने पुल पर चढ़ा था। उसने दुआ मांगी कि इसरो का विक्रम लैंडर से संपर्क हो जाए। गौरतलब है कि इससे पहले भी रजनीकांत नए पुल पर तीन बार चढ़ चुका है। पुलिस भी उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त मान रही है।

42 मीटर वाली हाइड्रोलिक क्रेन मंगाई गई
रजनीकांत को उतारने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जब वह किसी भी सूरत में नीचे नहीं उतरा तो वाराणसी से 42 मीटर वाली विशेष हाइड्रोलिक क्रेन मंगाई गई। क्रेन को एरियल लैंडर प्लेटफार्म भी कहा जाता है।

क्या है पूरा मामला
यमुना ब्रिज पर चढ़े युवक का नाम रजनीकांत है, वह प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र के भौसरा नरोत्तम गांव का रहने वाला है। 16 सितंबर को रजनीकांत घर से निकला और तिरंगा झंडा लेकर नए यमुना पुल के पिलर नंबर 18 पर शाम को लगभग सात बजे के चढ़ गया। लोगों ने पुल पर तिरंगा लहराते युवक को देखा तो सूचना पुलिस को दी। पुलिस टीम पहुंची और पिलर पर तिरंगा झंडा लगाकर बैठे रजनीकांत को उतारने की कोशिश करने लगी, लेकिन रजनीकांत ने विक्रम लैंडर के लिए प्रार्थना करने का दावा करते हुए नीचे उतरने से इनकार कर दिया था। प्रयागराज पुलिस के पास पुल की उंचाई वाली क्रेन न होने के कारण उसे पिछले तीन दिन से नीचे नहीं उतारा जा सका था।

समझा-बुझाकर उतारा नीचे
दरअसल, यमुना ब्रिज के पिलर पर चढ़े रजनीकांत ने एक लोहे की प्लेट में बांधकर अपना संदेश भेजा, जिस पर लिखा था ‘चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम से इसरो का जब तक सम्पर्क नहीं हो जाता है, तब तक मैं पिलर पर ही रहकर चंद्रदेव से प्रार्थना करूंगा।’ युवक के संदेश मिलने के घंटों बाद भी रात करीब 11 बजे तक पुलिसकर्मी युवक को समझाकर नीचे उतारने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों के मिन्नत का युवक पर कोई भी असर नहीं हुआ। बुधवार 18 सितंबर को वाराणसी से क्रेन बुलाकर शाम को पुलिस ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की तो वह पुल के और ऊपर चढ़ गया। जब रजनीकांत क्रेन की पहुंच से ऊपर चला गया तो फायर ब्रिगेड की सीढ़ी लगाकर उसके पास पहुंचा गया और समझा-बुझाकर नीचे उतारा गया। फिलहाल रजनीकांत को नैनी कोतवाली भेज दिया गया हैं। गुरूवार को शांतिभंग करने के मामले में उसका चालान किया जायेगा।