बिकरु कांड के 37 दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, आठ की होगी सेवा समाप्त

इस ख़बर को शेयर करें:

लखनऊ. प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक को विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिश के आधार पर कानपुर के बिकरू कांड में 37 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. जिन लोगों की लिस्ट बनी है. इनमें से आठ की सेवा समाप्त होगी. जबकि छह की पदावनति व कई 23 पर विभागीय कार्यवाही होगी.

राज्य के गृह सचिव तरुण गाबा ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर पिछले दिनों पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर को 37 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसमें वृहद दंड (सेवा समाप्‍त) और लघु दंड (पदावनति) की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. बिकरू गांव के गैंगस्‍टर विकास दुबे से संबंधों के आरोप में 8 पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्‍त, 6 की पदावनति और 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जल्‍द शुरू हो सकती है.

प्रशासन ने जिन 8 पुलिस अधिकारियों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं, उनमें कानपुर के चौबेपुर थाने में तैनात पूर्व थानाध्‍यक्ष विनय तिवारी, पूर्व में चौबेपुर में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक अजहर इशरत, कृष्‍ण कुमार शर्मा, कुंवर पाल सिंह, विश्‍वनाथ मिश्रा, लखनऊ के कृष्‍णानगर में तैनात उपनिरीक्षक अवनीश कुमार सिंह, चौबेपुर में तैनात रहे आरक्षी अभिषेक कुमार और रिक्रूट आरक्षी राजीव कुमार का नाम शामिल है।

जिन छह पुलिसकर्मियों को पदाव​नति होगी उनमें बजरिया के निरीक्षक राममूर्ति यादव, लखनऊ कृष्‍णानगर के पूर्व निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक चौबेपुर दीवान सिंह, मुख्‍य आरक्षी लायक सिंह, आरक्षी विकास कुमार और कुंवर पाल सिंह शामिल हैं.

इसके अलावा शासन ने 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाही के निर्देश दिए हैं. मालूम हो कि सरकार ने कानपुर में पुलिस अ​धीक्षक रहे अनंत देव को गैंगस्‍टर विकास दुबे से साठगांठ के आरोप में पिछले सप्ताह निलंबित कर दिया था. अपर मुख्‍य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्‍थी ने कहा था कि अनंत देव को एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया है.