“भारत के मुंबई में पांच बाइडेन हैं”- सीनेट सदस्य बनने के बाद ‘बाइडेन’ उपनाम वाले किसी व्यक्ति ने उन्हें मुंबई से लिखी थी चिट्ठी

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन 2013 में देश की आर्थिक राजधानी आए थे और तब उन्होंने कहा था कि उनके दूर के रिश्तेदार मुंबई में रहते हैं. दो साल बाद वाशिंगटन में एक कार्यक्रम में बाइडेन ने अपना दावा दोहराते हुए कहा था कि मुंबई में पांच बाइडेन रहते हैं.

बाइडेन, अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में दो महीने में शपथ लेने वाले हैं और अभी तक मुंबई के किसी व्यक्ति ने उनका रिश्तेदार होने का दावा नहीं किया है. सीनेट सदस्य बनने के बाद ‘बाइडेन’ उपनाम वाले किसी व्यक्ति ने उन्हें मुंबई से चिट्ठी लिखी थी.

इस घटना के दशकों बाद बाइडेन को पता चला था कि उनके पिता के वंश में कई पीढ़ी पहले कोई पूर्वज ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे. तत्कालीन उपराष्ट्रपति बाइडेन ने 2015 में वाशिंगटन में एक सभा में कहा था, “भारत के मुंबई में पांच बाइडेन हैं.”

उपराष्ट्रपति के रूप में भारत की अपनी पहली यात्रा पर 2013 में जब बाइडेन मुंबई आए थे तब उन्होंने उस पत्र के बारे में जिक्र किया था जो उन्हें तब मिला था जब दशकों पहले वह पहली बार सीनेट के सदस्य बने थे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 24 जुलाई 2013 को दिए अपने भाषण में बाइडेन ने ‘मुंबई के बाइडेन’ की कहानी सुनाई थी.

सात साल पहले उन्होंने कहा था, “भारत और मुंबई में आना गर्व का विषय है. जब 1972 में 29 वर्ष की आयु में मुझे अमेरिका की सीनेट का सदस्य चुना गया तब मुझे एक पत्र प्राप्त हुआ था और मुझे दुख है कि मैंने कभी उसकी पड़ताल नहीं की.”

उन्होंने कहा था, “संभव है कि श्रोताओं में से कोई मुझे बता सके, मुझे मुंबई के बाइडेन नामक एक व्यक्ति का पत्र मिला था जो कि मेरा नाम है, उसमें लिखा था कि वह मेरा रिश्तेदार है.”

वाशिंगटन में 2015 में दिए अपने भाषण में बाइडेन ने दावा किया था कि उनके पिता के वंश में कई पीढ़ी पहले जॉर्ज बाइडेन नामक कप्तान थे जो ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे और सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने भारतीय महिला से शादी करने और भारत में बसने का निर्णय लिया था.

बाइडेन ने यह भी कहा था कि किसी ने उन्हें मुंबई में रहने वाले बाइडेन के फोन नंबर भी उपलब्ध कराए थे. हालांकि, अभी तक उन ‘पांच बाइडेन’ में से कोई सामने नहीं आया है.