कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर एम्स ने राज्यों के डॉक्टरों के लिए शुरू की टेली-कंसल्टेशन सेवा

कोविड-19 पर काबू पाने की बेहतर रणनीति के रूप में केंद्र सरकार कोविड-19 के रोगियों की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मकसद से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अब एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं लेने की शुरुआत की है. ये डॉक्टर राज्यों के अस्पतालों में आईसीयू में कार्यरत डॉक्टरों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और जानकारी देंगे.

पहला सत्र बुधवार शाम 4:30 बजे शुरू हुआ. इसके लिए 10 अस्पतालों को चुना गया है, जिनमें से 9 मुंबई के और एक गोवा का है. ये अस्पताल हैं- नेस्को जंबो फेसिलिटी पीएन फेस-3, जीओ कन्वेंशन जंबो फेसिलिटी एचई फेस-3, नायर अस्पताल, एमसीजीएम सेवन हिल्स, एमएमआरडीए बीकेसी जंबो फेसिलिटी एचई फेस-2, एमएमआरडीए बीकेसी जंबो फेसिलिटी एचई फेस-1, मुंबई मेट्रो दहिसर जंबो फेसिलिटी टी फेस-2 और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पणजी, गोवा.

इन अस्पतालों में कोविड-19 के लिए एक हजार से अधिक बिस्तर हैं, जिनमें आइसोलेशन बिस्तर, ऑक्सीजन युक्त आईसीयू बिस्तर शामिल हैं. सत्र का नेतृत्व एम्स, नई दिल्ली के फेफड़ों संबंधी चिकित्सा के विभागाध्यक्ष डॉ आनंद मोहन ने किया.

टेली-कंसल्टेशन के सत्र अन्य 61 अस्पतालों के लिए भी अगले सप्ताहों में आयोजित किए जाएंगे. इन अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 500 से 1000 है. इस सत्र के आयोजन के लिए 31 जुलाई तक राज्यों में टेली-कंसल्टेशन सत्र आयोजित करने का कार्यक्रम बना लिया गया है. इन आयोजनों में 17 राज्यों को कवर किया जाएगा (दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, हरियाणा, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड और महाराष्ट्र). प्रत्येक अस्पताल में आईसीयू रोगियों के उपचार में लगे एक या दो डॉक्टर अपने संबंधित राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे.