इलाहाबाद हाईकोर्ट: बिना गाउन-कोट के बहस करेंगे वकील, खुली अदालत में होगी सुनवाई, एडवाइजरी जारी

कैंपस में थूकना, पान, गुटका व तंबाकू का इस्तेमाल दंडनीय अपराध घोषित

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन प्रशासन ने आठ मई से खुली अदालत में मुकदमों की सुनवाई के लिए एडवाइजरी जारी किया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अधिवक्ताओं को कोट और गाउन नहीं पहनना है। उन्हें केवल पैंट, शर्ट पहनकर आना है, जो घर जाकर आसानी से धुला जा सके। जरूरी न्यूनतम स्टाफ के जरिए कोर्ट कार्यवाही चलायी जाएगी। फाइलें अनुभागों से सैनिटाइज करने के बाद ही कोर्टरूम में भेजी जाएंगी। गेट नंबर चार और पांच में मुकदमों की रिपोर्टिग व दाखिले किये जा सकेंगे। गेट नंबर तीन ए पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी बहस का इंतजाम किया गया है। खुली अदालत में सुनवाई की व्यवस्था की गयी है।

नए भवन में बैठेंगी अदालतें

  • अदालतें हाईकोर्ट के नए बने भवन में बैठेंगी।
  • 30 कोर्टो में अदालत चलाने व वकीलों के बैठने की व्यवस्था की गयी है।
  • अधिवक्ता गेट नंबर एक से परिसर में प्रवेश करेंगे।
  • जिन अधिवक्ताओं के मुकदमे कोर्ट में लगे होंगे, न्यायालय प्रशासन द्वारा उन्हें ई-पास जारी किया जाएगा।
  • ई-पास धारक अधिवक्ता को ही परिसर में प्रवेश मिलेगा।
  • हाईकोर्ट परिसर में थूकने, शराब पीकर आने, पान, गुटखा, तंबाकू खाना दंडनीय अपराध माना गया है।
  • वादकारी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • न्यायालय परिसर के आसपास दुकान खोलने पर भी रोक लगा दी गई है।
  • अधिवक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वाहन की पार्किग दूरी बनाकर करें।
  • केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाय।

बुजुर्ग अधिवक्ता घरों में रहें

  • गाइडलाइन मे स्पष्ट किया गया है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ता व हॉट स्पॉट क्षेत्र में रहने वाले अधिवक्ता अपने घरों में रहें। उन्हें न्यायालय आने की आवश्यकता नहीं है।
  • न्यायालय में प्रवेश द्वार पर हैंडवास सैनेटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।
  • न्यायालय परिसर के भीतर स्थित अधिवक्ताओं के चेंबर बंद रहेंगे। जजों के चैंबर और उनके कॉरिडोर में अधिवक्ता नहीं जा सकेंगे।

अधिवक्ताओं के लिए गाइड लाइन

  • गाइडलाइन में सभी वकील और स्टाफ मास्क ग्लब्स पहनकर ही कोर्ट परिसर में आने का निर्देश दिया गया है।
  • एक न्याय कक्ष में छह से अधिक वकीलोंके प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
  • बहस करने के बाद अधिवक्ता कोर्ट से बाहर चले जाएंगे।
  • सभी से परिसर के भीतर और बाहर शारीरिक दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ कल से नहीं खुलेगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ को आठ मई से खोलने के फैसले को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लिया गया है। इस संबंध में बुधवार को सीनियर रजिस्ट्रार मानवेन्द्र सिंह की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया। इसमें प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट की प्रधान पीठ का कोई जिक्र नहीं है। इससे तय है कि यहां घोषित कार्यक्रम के अनुसार आठ मई को कोर्ट बैठेगी।