वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र का आज लोकार्पण

विदिशा @ जिला मुख्यालय पर 58.9 लाख की लागत से नवनिर्मित एडीआर सेन्टर भवन (वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र) का आज लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।
लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति सुश्रुत धर्माधिकारी पोर्टफोलियो जज ने कहा कि अब तक आपसी सुलह के लिए विभिन्न स्तर पर लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र के माध्यम से भी न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण में मदद मिलेगी। यहां पंजीकृत प्रकरणों में अधिकतम 60 दिवस के भीतर आपसी सुलह कर प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। जिसकी अपील अन्य किसी न्यायालय में नही की जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि एडीआर सेन्टर में आने वाले जज और अभिभाषक सिविल ड्रेस में रहेंगे। वे पक्षकारों से आपसी सुलह कर प्रकरणों को निराकृत करेंगे।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के रजिस्ट्रार जनरल मनोहर ममतानी ने कहा कि न्याय में देरी ना हो इसी अवधारणा से एडीआर सेन्टरों की अवधारणा को प्रतिपादित किया गया है।अपने किसी भी प्रकार के अहम को त्याग कर परस्पर मेल मिलाप के माध्यम से न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों का आपसी सुलह से निराकरण कराने में सहयोगी साबित होंगे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के सदस्य सचिव दिनेश कुमार नायक ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में एडीआर सेन्टर संचालन की कार्यवाही की जा रही है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य पक्षकारो को आपसी सुलह से त्वरित न्याय मुहैया कराना है। एडीआर सेन्टर संचालन के लिए संबंधितों को प्रशिक्षित किया गया है।

जिला न्यायाधीश श्रीमती विभावरी जोशी ने कहा कि वर्तमान युग में न्याय प्राप्ति के लिए सस्ता, सुलभ न्याय का माध्यम एडीआर सेन्टर साबित होंगे। इसमें अभिभाषकों की महती भूमिका है। कलेक्टर अनिल सुचारी ने कहा कि हम सभी समाज में रहते है। किसी भी प्रकार का विवाद होने के उपरांत न्याय की प्राप्ति हेतु न्यायालय की ओर अग्रसर होते है। न्याय में देरी ना हो इसी अवधारणा से एडीआर की विचारधारा को न्याय की मोहर प्राप्त हुई है। विवादित मामले न्यायालय में पहुंचने के उपरांत कैसे त्वरित निराकृत हो इसमें वैकल्पिक विवाद समाधान सेन्टर की महती भूमिका अग्रेषित होगी। यहां आपसी सुलह से होने वाले न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण सुखद स्थिति में होगा। जो समाज को एकजुट रखने में अहम होगा।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेन्द्र जैन ने विदिशा की ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अभिभाषकों का शाल श्रीफल से अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने किया और आभार अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अजयकांत पांडे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम स्थल पर न्यायाधीशगणों के अलावा पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र चौधरी, अपर कलेक्टर एचपी वर्मा, एसडीएम आरपी अहिरवार सहित अधिवक्तागण मौजूद थे।