आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने कमांडरों से कहा-किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें

नई दिल्‍ली: भारतीय सेना के प्रमुख ने अपने फील्‍ड कमांडरों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है और साथ ही यह भी कहा है कि उच्चतम परिचालन तैयारियों को बनाए रखें. यह बात सूत्रों के हवाले से न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने आज कही है. वहीं, भारतीय वायु सेना (IAF) के वाइस चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा ने लद्दाख सेक्टर में वायुसेना के प्रमुख ठिकानों का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया. 

बता दें कि एक दिन पहले आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने तेजपुर में विजिट पर पहुंचे थे, जहां उन्‍होंने चीन से लगी हुई सीमा की सुरक्षा का जायजा लिया था और जरूरी तैयारी रखने के लिए कहा. वहीं, आज शुक्रवार को सेना प्रमुख ने लखनऊ में स्थित मध्‍य कमान के मुख्‍यालय पहुंचे.

सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, जो सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लिए दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे थे. सेना प्रमुख जनरण नरवणे आज लखनऊ में मध्य कमान मुख्यालय गए. यहां लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुमान, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, सेंट्रल कॉमनमैन ने आर्मी चीफ को विभिन्न परिचालन और प्रशासनिक पहलुओं पर जानकारी दी.

वहीं भारतीय वायु सेना (IAF) के वाइस चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा ने आज लद्दाख सेक्टर में वायुसेना के प्रमुख ठिकानों का दौरा किया. उन्हें अग्रिम मोर्चे में तैनात air assets की परिचालन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई. यात्रा के दौरान उन्होंने चिनूक और अपाचे हमले के हेलिकॉप्टर भी उड़ाए.

Ladakh: Indian Air Force (IAF) Vice Chief Air Marshal H S Arora today visited the forward air bases in the Ladakh sector. He was briefed on the operational readiness of air assets deployed in the forward areas. During the visit, he also flew the Chinook & Apache attack choppers. pic.twitter.com/sHRstoof2R

— ANI (@ANI) August 7, 2020

सेना प्रमुख का दौरा इसलिए महत्‍वपूर्ण हैं कि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव अभी बरकरार है. दरअसल चीन सेना पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी पैंगोंग त्सो से वापस लौटने के लिए पहले तैयार हो गई थी, लेकिन चीन ने उसे अभी तक पीछे नहीं हटाया है. भारत ने फिंगर 8 पर वास्तविक नियंत्रण रेखा का दावा किया है और चीनी फिंगर 4 और फिंगर 5 के बीच हैं.

3,500 किमी एलएसी पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई
पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ हुई झड़प के मद्देनजर भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूद सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है.

फाइटर प्‍लेन और हेलिकॉप्‍टर तैनात
सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने भी अरुणाचल सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वायु सीमा पर निगरानी रखने के लिए मुख्य ठिकानों पर अतिरिक्त युद्धक विमान और हेलि‍काप्टर तैनात किए हैं. सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही इसलिए सेना सर्दियों में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों और हथियारों की संख्या बरकरार रखना चाहती है.

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का लखनऊ दौरा
सेना ने बयान जारी कर बताया, ‘सेना प्रमुख, जनरल एमएम नरवणे ने शुक्रवार को लखनऊ छावनी स्थित मुख्यालय मध्य कमान का दौरा किया.’ बयान में बताया गया कि सेना प्रमुख को मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आई एस घुमन द्वारा सैन्य आपरेशनल और प्रशासनिक दोनों पहलुओं पर जानकारी दी गई.

ऑपरेशन की तैयारियों का लिया जायजा
जनरल नरवणे ने मध्य क्षेत्र में सैन्य बलों की क्षमता वृद्धि और आपरेशनल प्रभावशीलता और बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने ऑपरेशन तैयारियों के उच्च स्तर को प्राप्त करने के लिए मध्य कमान की प्रशंसा की.

सेना ने कल अरुणाचल में एलएसी पर सैन्य तैयारियों का लिया था जायजा
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को तेजपुर स्थित चौथी कोर मुख्यालय का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की.
सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने सेना प्रमुख को पूर्वी सेक्टर में चीन से सटी सीमा पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती के बारे में विस्तृत जानकारी दी. सेना प्रमुख ने पूर्वी कमान के सभी कोर कमांडरों से बातचीत की और वर्तमान सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य अभियान की तैयारियों की समीक्षा की.