एक प्रखर नेता और कुशल रणनीतिकार अरुण जेटली

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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। लंबे समय से मौत से जंग लड़ रहे जेटली जितनी राजनीति में पकड़ रखते थे उतना ही उनका योगदान दिल्ली क्रिकेट में भी रहा। अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम महाराज किशन जेटली था जो एक वकील थे और जबकि माता रतन प्रभा जेटली थीं.

अरुण जेटली की स्कूली पढ़ाई दिल्ली के सेंट जेवियर स्कूल से हुई. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री ली और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही लॉ की डिग्री हासिल की.

अरुण जेटली की पत्नी का नाम संगीता है. उनकी शादी साल 1982 को हुई. दोनों के 2 बच्चे हैं. एक बेटा और एक बेटी. बेटे का नाम रोहन हैं और बेटी का नाम सोनाली.
अरुण जेटली की बेटी और बेटा दोनों अपने पिता की तरह वकील हैं. ये तीसरी पीढ़ी है जिसने वकालत में अपना करियर बनाया है.

अरुण जेटली की बेटी सोनाली 2015 में अपनी शादी को लेकर चर्चा में आई थीं. उनकी शादी बिजनेसमैन और लॉयर जयेश बख्शी से हुई है. शादी में शाहरुख खान और फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने माने सितारे शामिल हुए थे.

अरुण जेटली के बेटे रोहन भी पिता की तरह वकील हैं. शुरुआती पढ़ाई उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम से की है. जिसके बाद एमिटी लॉ स्कूल से लॉ में ग्रेजुएशन की डिग्री ली. न्यूयॉर्क की कार्नेल यूनिवर्सिटी से लॉ में मास्टर की डिग्री ली. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह साल 2014 में भारत लौटे. जिसके बाद उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मेंबरशिप ली. साल 2014 में उन्होंने बतौर वकील सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी.

अरुण जेटली के पास मदद के लिए आते थे क्रिकेटर्स
किसी भी खिलाड़ी की मदद करने में जेटली हमेशा आगे रहते थे। दिल्ली के गेंदबाज आशीष नेहरा अपने करियर के दौरान चोटों से लगातार जूझते रहे। नेहरा जब टीम में खेलते हुए चोटिल हुए थे तब उनके ऑपरेशन का बीड़ा जेटली ने ही उठाया था।

अरुण जेटली ने 13 साल दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर काम किया। साल 1999 से लेकर 2012 तक जेटली ने डीडीसीए के अध्यक्ष के तौर पर काम किया। भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों को जेटली ने सराहा और उनको विश्व क्रिकेट में पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाई।

भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर वीरेंद्र सहवाग को दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में गिना जाता है। जेटली के कार्यकाल में ही सहवाग, गौतम गंभीर, शिखर धवन, विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज निकलकर सामने आए। सहवाग और गंभीर ने लंबे वक्त तक टीम की ओपनिंग की थी। जेटली खुद दिल्ली के उभरते हुए खिलाड़ियों की पैरवी बीसीसीआई में किया करते थे।

वहीं आशीष नेहरा और इशांत शर्मा जैसे शानदार गेंदबाज भी जेटली के डीडीसीए अध्यक्ष रहते ही उभरकर विश्व क्रिकेट में पहचान बनाने में कामयाब हुए। इन सभी को भारतीय टीम तक के सफर तय करने में जेटली का खासा योगदान रहा।