ऑटो चालक की बेटी ने IIT में हासिल किया 169 रैंक

एक गरीब पिता के 11वी नहीं पढ़ पाने के मलाल ने, बेटी को दिखाई कामयाबी की राह। आईआईटी में चयनित इस लड़की के पिता पेशे से ऑटो चालक हैं। अब यह छोटे से गांव की गरीब बेटी दिल्ली में पढ़ेगी। इन्होंने आईआईटी की चयन परीक्षा में 169 वा रैंक हासिल कर परिवार का नाम रौशन किया है।

बलरामपुर इलाके की किरण अब उसके जैसे सैकड़ों परिवारों के लिए मिसाल बन गई हैं। किरण ने आईआईटी दिल्ली में 169 रैंक हासिल की है। राज्य के अंतिम छोर पर बसे बलरामपुर के सुदूर इलाके का गांव सनावल जहाँ की किरण पटवन्धी ने आईआईटी के चयन परीक्षा में 169 वा रैंक हासिल कर गांव ही नहीं जिले का नाम रौशन किया। इस गांव की गरीब बेटी को शिक्षा के प्रति सजग किया उसके पिता ने जो पेशे से ऑटो चालक है। पिता और बेटी की मेहनत का परिणाम अब सबके सामने है जिससे पूरा गांव गौरवांवित है।

किरण के पिता भगवान का सपना जैसे बेटी ने पूरा कर दिया है। उनका कहना है कि अपने माता पिता से प्रेरणा लेकर किरण पटवन्धी राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए चयनित हुई और दो साल तक अपने लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई कर उसने आज यह मुकाम हासिल किया, और आगे अब लक्ष्य है यूपीएससी एग्जाम जिसके लिए वह अभी से प्रयासरत है। आईआईटी के लिए चयनित होकर किरण ने जिले के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक मिसाल पेश की है। पढ़ाई का हालाकि 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार वहन कर रही है, लेकिन पढ़ाई के लिए 60 फीसदी राशि इकठ्ठा करना अभी भी चुनौती है।

किरण की इस सफलता को देखते हुए स्थानीय जिला अधिकारी ने किरण की आगे की पढ़ाई के लिए फंड मुहैया कराने की घोषणा की है। बलरामपुर के कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि कामयाबी किसी की मोहताज नहीं होती है बस लगन और मेहनत की आवश्यकता होती है तभी तो बलरामपुरम की एक गरीब परिवार की बेटी ने ये साबित कर दिया है कि कामयाबी के लिये कोई गरीबी आड़े नहीं आती बस आप में लगन और आप का लक्ष्य सामने होना चाहिये।