अयोध्याा : रामजन्मभूमि कार्यशाला की फूलप्रूफ सुरक्षा, प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी के साथ कमांउडों का पहरा

अयोध्या। रामजन्मभूमि विवाद के कारण बीते तीन दशकों से सम्पूर्ण अयोध्या पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों के निशाने पर है। रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा का फूलप्रूफ इंतजाम तो पहले से ही है लेकिन शेष अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी चुनौती बनी है। इस बीच रामजन्मभूमि कार्यशाला एवं कारसेवकपुरम सहित अन्य स्थलों की सुरक्षा भी शासन-प्रशासन के नाक का सवाल बना है। इसके चलते रामघाट स्थित रामजन्मभूमि कार्यशाला व कारसेवकपुरम की सुरक्षा के विशेष उपाय भी किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में रामजन्मभूमि कार्यशाला में वाच टावर के निर्माण का प्रस्ताव किया गया था। इस प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद यहां वाच टावर का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। वाच टावर के लिए गहरे गड्ढे की खुदाई कर कांकरीट की पक्की नींव तैयार की जा रही है और रात-दिन कार्य चल रहा है। मालूम हो कि कार्यशाला की सुरक्षा के सम्बन्ध में खुफिया रिपोर्ट के आधार पर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कार्यशाला की बाउंड्री क़ो ऊंचा कराया गया था।

इसके साथ ही दीवारों पर लोहे की एंगिल लगाकर कांटेदार तार की बाड़ भी लगाई गयी। इसके पहले यहां सुरक्षा बलों की तैनाती कर प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) भी लगाया गया है। इसी तरह से कारसेवकपुरम में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है। इसके अतिरिक्त कारसेवकपुरम में रखे मंदिर माडल की सुरक्षा व्यवस्था अलग से की गयी है।

मालूम हो कि यहां पांच जुलाई 2005 को लश्करे तैय्यबा के फिदायीन दस्ते के आतंकवादियों ने रामजन्मभूमि पर हमला भी किया था। इसके पहले भी यहां आतंकी साजिशें होती रही। यह ईश्वर की ही कृपा थी कि उन साजिशों का एक-एक कर खुलासा होता रहा। अब जब विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने पटाक्षेप कर दिया है तो भी आतंकी साजिशें थमी नही है। इसका प्रमाण दिल्ली में हुई संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी से हुआ।