दो पासपोर्ट मामले में आजम खान व उनके बेटे की जमानत याचिका खारिज, 21 दिन से सीतापुर जेल में हैं दोनों बाप बेटा

रामपुर. समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला खान को रामपुर अदालत से बुधवार को बड़ा झटका लगा है। दो पासपोर्ट-दो पैनकार्ड के मामले में अपर जिला न्यायाधीश-9 की अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जबकि, यतीमखाना प्रकरण में आजम को जमानत दी गई है। वर्तमान में आजम खान, उनकी पत्नी व रामपुर सदर सीट से विधायक तंजीन फातिमा व बेटा अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल में बंद हैं। बीते 27 फरवरी को तीनों नेताओं को जेल भेजा गया था।

यतीमखाना प्रकरण में मिली जमानत, तीन मामलों में खारिज

आजम खान के वकील खलीलुल्लाह खान ने बताया- बुधवार को रामपुर अदालत में चार मामलों जमानत पर सुनवाई हुई। इसमें तीन मामले पासपोर्ट व पैनकार्ड से संबंधित थे। यह मामला भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया। पैन कार्ड और पासपोर्ट मामले में बेल एप्लीकेशन खारिज हो गई, जबकि यतीमखाना प्रकरण में आजम खान की जमानत मंजूर हो गई है।

भाजपा नेता का दावा- धोखाधड़ी कर बनवाए गए थे दस्तावेज

भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बने हैं। एक जन्म प्रमाण पत्र आजम व उनकी पत्नी तंजीन के शपथपत्र के बाद 28 जून 2012 को नगर पालिका परिषद रामपुर से जारी किया गया। इसमें जन्मस्थान रामपुर दिखाया गया है। वहीं, दूसरा जन्म प्रमाण पत्र लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर नगर निगम लखनऊ द्वारा 21 जनवरी 2015 को जारी किया गया।

लखनऊ में बना जन्म प्रमाणपत्र भी आजम के शपथपत्र के बाद जारी हुआ था। ये जन्म प्रमाण पत्र डुप्लीकेट के तौर पर जारी हुआ था। आरोप है- रामपुर से बने जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर अब्दुल्ला का पासपोर्ट बना, जिस पर उन्होंने विदेश की यात्राएं की। वहीं, लखनऊ से बने जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी की तमाम मान्यताएं व फायदे लिए गए। आरोप है-सोची समझी गई साजिश के तहत दो जन्म प्रमाणपत्र धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बनवाए गए।