छतरपुर अनुविभाग में डीजे के प्रयोग पर प्रतिबंध

छतरपुर @ विद्यार्थियों की होने वाली परीक्षा के दृष्टिगत् अनुविभागीय दण्डाधिकारी अनुभाग छतरपुर द्वारा मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया है।

इस आदेश के बाद डीजे का उपयोग करते पकड़े जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही होगी। सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट कमलेश पुरी ने यह कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र दिनांक 7 जनवरी 16 से ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की कार्यवाही के अंतर्गत की है।

उल्लेखनीय है कि शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रम में खुले आम डीजे का उपयोग करने की शिकायत मिलने पर यह आदेश जारी किया गया है। लाउड स्पीकर या लोक संबोधन का प्रयोग रात्रि में 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसका उपयोग प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।

जारी आदेश में कहा गया है कि लाउड स्पीकर या लोक संबोधन प्रणाली का प्रयोग केवल तभी किया जाएगा, जब तक सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त न कर ली गई हो। अस्पताल, शैक्षणिक संस्था, न्यायालय, छात्रावास, सरकारी ऑफिस के आस-पास कम से कम 100 मीटर तक के क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि मानक 45 डेसीबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले माइक्रोफोन और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंध रहेगा। खासतौर पर डीजे साउण्ड सिस्टम का उपयोग नहीं हो सकेगा।