बेंगलुरु की बेलंदूर झील एक बार फिर लगी आग

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की बेलंदूर झील एक बार फिर सुर्खियों में है। झील में इस बार भी आग लगी है और इससे निकलने वाला जहरीला धुंआ लोगों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है. बताया जा रहा है कि झील में गुरूवार शाम को आग लगी. तभी से बड़े पैमाने पर धुंआ निकल रहा है ।काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पर्यावरण मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

झील में पहले भी कई बार आग लगी है। हालांकि पहले आग झाग के अंदर तक ही सीमित रहती थी, लेकिन इस बार उसका दायरा बढ़ गया।बेल्लानदुर झील में आग लगने पर विशेषज्ञों ने इसके अलग-अलग कारण बताए। कुछ के मुताबिक यह आग गंदगी से पैदा होने वाली मिथेन गैस के चलते लगी थी तो कुछ ने इसकी वजह झील की सतह पर जमा तेल और फॉस्फोरस को बताया।

उधर वायु प्रदूषण को लेकर हाल में आई एक रिपोर्ट ने दावा किया कि वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों के मामले में भारत लगभग चीन के करीब पहुंच चुका है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2017 नामक इस रिपोर्ट ने कहा कि भारत समेत दस सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों, यूरोपीय संघ और बांग्लादेश में पीएम 2.5 का स्तर सर्वाधिक है। भारत ने इस रिपोर्ट के दावों को खारिज कर दिया है।

इसी बीच पर्यावरण परिवर्तन और उसके प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए राजधानी से शुक्रवार को एक विशेष विज्ञान रेलगाड़ी चलाई गई। रेलमंत्री सुरेश प्रभु और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया।

यह रेलगाड़ी लोगों को पर्यावरण परिवर्तन के संबंध में संदेश देगी और संवाद तथा चर्चा के अवसर पैदा करने में भी सहायक होगी। इस विशेष विज्ञान रेलगाड़ी के चलाने से आशा की जाती है कि लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलेगी और बेंगलुरू झील जैसी वातावरण को हानि पहुंचाने वाली कई घटनाओं से बचा जा सकेगा।