कोरोना से जंग -भोपाल में साढ़े 4 हजार मरीजों के लिए बेड उपलब्ध
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भोपाल | जिला-प्रशासन द्वारा कोविड मरीजों के इलाज के लिए शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 4403 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों के माध्यम से कोविड-19 मरीज़ों के निःशुल्क उपचार हेतु आयुष्मान योजनांतर्गत पंजीकृत 60 निजी अस्पतालों को चिंहित किया गया है। जिनमें 1404 बिस्तरों को कोविड मरीजों के उपचार हेतु आरक्षित किया जा चुका है।

इनमें ऑक्सीजन बेड 445, आईसीयू बेड 110 एवं 61 वेण्टिलेटर बेड शामिल हैं। इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के कार्ड धारक कोविड मरीजों को भर्ती कर समस्त इलाज निःशुल्क उपलब्ध करवाया जावेगा। अस्पतालों का निरीक्षण कर सभी सामान्य सेवाओं के साथ-साथ आईसीयू एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

शासकीय व अनुबंधित डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों के माध्यम से उपचार हेतु में कुल 1920 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। एम्स में 308 बेड, हमीदिया में 320 बेड, चिरायु मेडिकल कॉलेज में 800 बेड, एलएन मेडिकल कॉलेज में 300 बेड, जेपी चिकित्सालय में 72 बेड, कस्तूरबा चिकित्सालय में 38 बेड, मिलिट्री हॉस्पिटल में 82 बेड उपलब्ध है।

यहां मरीजों हेतु ऑक्सीजन एवं आईसीयू की व्यवस्था उपलब्ध है। मंद लक्षण वाले मरीज़ों को भर्ती करने की सुविधा कोविड केयर सेंटर के माध्यम से दी जा रही है। कोविड केयर सेण्टर में कुल 1079 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। जिनमें आरजीपीव्ही हॉस्टल में 420 बेड, श्रमोदय हॉस्टल में 480 बेड, शासकीय होम्योपैथी कॉलेज में 60 बेड, शासकीय यूनानी कॉलेज में 34 बेड, खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 85 बेड कोविड मरीजों के इलाज हेतु आरक्षित हैं। आवश्यकता होने पर अन्य संस्थाओं में बेड आरक्षित किये जा सकते हैं।

भोपाल जिले में निजि क्षेत्रों के अस्पतालों द्वारा कोविड-19 मरीजों के उपचार हेतु कार्य किया जा रहा है। नोबल मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल एवं नेशनल अस्पताल पूर्ण रूप से कोविड अस्पताल के रूप में संचालित हो रहे हैं। जबकि अन्य अस्पताल भी इस दिशा में सहयोग हेतु आगे आ रहे हैं।

आईएमए द्वारा मरीजों की सुविधा हेतु टेली कॉलिंग परामर्श एवं चिकित्सकीय होम विजिट की सुविधा शुरू की गई है। यह सुविधा परामर्श शुल्क के माध्यम से आमजन को उपलब्ध करवाई जावेगी। परामर्श की सेवा हेतु डॉ. सुदीप पाठक, डॉ. संजीव गुलाटी, डॉ. गोपाल बाटनी, डॉ. हसमुख जैन, डॉ. जी.डी. तिवारी, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. मोहित सिक्का, डॉ. राजीव मदान, डॉ. वसंत श्रीवास्तव, डॉ. नरेन्द्र छबलानी द्वारा प्रदान किये जाने हेतु स्वेच्छा दी गई है।

इस सेवा के माध्यम से व्यक्ति घर बैठे चिकित्सकीय परामर्श का लाभ ले सकेंगे। टेलीकॉलिंग के माध्यम से निजी क्षेत्र के चिकित्सकों द्वारा मरीजों के लक्षणों की जानकारी ली जाएगी एवं जांच व उपचार हेतु परामर्श प्रदान किया जावेगा। इसी प्रकार कुछ अस्पतालों द्वारा होटल्स को संबद्ध कर एसिम्प्टोमेटिक मरीजों के रूकने की व्यवस्था की गई है।

मरीज निर्धारित शुल्क का भुगतान कर चिकित्सकीय सुविधाएं एवं आईसोलेट हो सकेंगे। मरीजों को होटल द्वारा निर्धारित दरों पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध करवाया जावेगा। यह सुविधा ऐसे मरीजों के लिए उपलब्ध होगी जो कि हाईरिस्क श्रेणी में ना आते हों एवं जिन्हें बीमारी संबंधी कोई भी लक्षण ना हो।

कोविड-19 के लक्षण दिखने पर फीवर क्लिनिक के माध्यम से निःशुल्क जांच की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में जिले में 46 फीवर क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से आवश्यक होने पर सेंपलिंग की व्यवस्था की गई है।

मरीजों के लक्षण को आधार पर होम आईसोलेशन, क्वारंटीन सेंटर, कोविड केयर सेंटर एवं कोविड केयर हॉस्पिटल में भर्ती करने की सुविधा शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। फीवर क्लिनिक एवं अस्पतालों की जानकारी सार्थक लाईट एप पर उपलब्ध है। गूगल प्ले स्टोर से सार्थक लाईट एप डाउनलोड कर इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए प्रशासन द्वारा समस्त आवश्यक कार्यवाही की गई है। लोगों से पुनः अपील है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर एवं मेल जोल के समय मास्क को ना उतारें। कई बार देखने में आता है कि लोगों में मास्क के उपयोग के प्रति लापरवाही बढ़ रही है। ये लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है। इसलिए मास्क का उपयोग निरंतर रूप से किया जावे। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाईजेशन का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।