प्रतापगढ़ : जिले के 6644 किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत हुये लाभान्वित

प्रतापगढ़ ( जीतेन्द्र तिवारी )। किसानों के लिये प्रदेश सरकार कल्याणकारी व फसलोत्पादन में लाभकारी योजनाएं संचालित कर उनकी आय दोगुनी करने में भरपूर सहयोग दे रही है किसान वर्ष भर मेहनत कर खेत की बुवाई, जुताई, निकाई, सिंचाई व खाद डालकर फसल तैयार करता है फसलों में विशेषकर खरीफ और रबी की फसलें होती है।

खेती किसानी में किसान के पूरे परिवार की मेहनत लगती है किन्तु यदि अधिक वर्षा, आंधी तूफान, पाला बर्फबारी, ओले, कीट, फसली रोग, आग आदि जैसी आपदा आ गई और फसल नष्ट हुई तो किसान की पूरी मेहनत और लागत बर्बाद हो जाती है ऐसी स्थिति में किसान सड़क पर आ जाता है उसकी समस्त कमाई नष्ट हो जाती है सिर पर हाथ रख कर रोने के सिवा किसान के पास कुछ नहीं होता है।

ऐसी स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये किसानों की आपदा के दौरान नष्ट हुई फसल की क्षतिपूर्ति करने और किसानों को संबल प्रदान करने के लिये ही भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जनवरी 2016 से शुभारम्भ किया। इस योजना के लागू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है जो किसान ऋण, उधार पैसे लेकर खेती में लगाते थे उन्हें इस योजना से बड़ा फायदा हो रहा है तथा उनकी आय में स्थायित्व भी आ रहा है।

इस योजना के अन्तर्गत जनपद प्रतापगढ़ में खरीफ-2019 में खरीफ फसल वाले 4524 किसानों को 1 करोड़ 74 लाख 56 हजार 304 रूपये की क्षतिपूर्ति दी गयी तथा रबी-2019-20 में रबी फसल वाले 2120 किसानों को 82 लाख 45 हजार 860 रूपये की क्षतिपूर्ति दी गयी है। इस प्रकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत कुल 6644 किसानों को खरीफ एवं रबी फसल के अन्तर्गत 2 करोड़ 57 लाख 2 हजार 164 रूपये की क्षतिपूर्ति दि न्यू इण्डिया इन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड द्वारा दी जा चुकी है।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसान बन्धुओं के जीवन में खुशहाली आयी है। किसान भाईयों के लिये यह योजना वरदान सावित हो रही है, किसान बन्धु इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी फसलों के समय से उत्पादन हेतु धनराशि प्राप्त होने पर समय अन्तर्गत खाद, बीज, दवा आदि क्रय कर अपने उत्पादन में वृद्धि कर रहे है।

जनपद प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत 4 लाख 88 हजार 956 कृषकों को इस योजना का लाभ मिल चुका है जो प्रदेश में 8वें रैंक पर है। जनपद के किसान भाईयों से यह भी अपील की जाती है कि यदि किसी कारणवश उनका पैसा अब तक खाते में न आया हो तो वह अपने आधार कार्ड के साथ उप कृषि निदेशक कार्यालय या तहसील या जन सेवा केन्द्रों से सम्पर्क करके अपने आधार में संशोधन करा लें, क्योंकि आधार नम्बर सही होने पर ही भारत सरकार द्वारा कृषक बन्धुओं के खाते में पीएफएमएस के द्वारा धनराशि भेजी जाती है।