घरेलु उपचार में गिलोय (Giloy) के फायदे

आपने आयुर्वेद और घरेलु उपचार में कई बार गिलोय का नाम सुना होगा। गिलोय क्या है और इसका रस आपकी कितनी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर कर सकता है हम आपको आज इसकी जानकारी देने जा रहे हैं। आयुर्वेद में गिलोय को अमृत भी कहा जाता है, इसका कारण है कि पान के पत्तों जैसे दिखने वाले इन पत्तों में कई सारे ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो कई गंभीर बीमारी तक को दूर कर सकते हैं। गिलोय के पत्तों में कैल्शियम, फास्फोरस और इसके तने में स्टार्च पाया जाता है।

गिलोय (Giloy) एक बेल है, जो जंगल-झाड़ियों में जल्दी उपलब्ध होती है। इसका इस्तेमाल प्राचीन काल से आयुर्वेदिक औषधि के रूम में किया जा रहा है। जब से डेंगू में गिलोय (Giloy in dengue) के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को पता चला है, तब से लोग अपने घरों में भी गिलोय की बेल लगाना शुरू कर दिए हैं। गिलोय की पत्तियां दिखने में पान के पत्तों की तरह होती हैं और इसका रंग गाढ़ा हरा होता है। गिलोय एक लोकप्रिय पौधा है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई तरह की शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। 

यह वात, कफ और पित्तनाशक होती है। गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। साथ ही ये एंटीबायोटिक और एंटीवायरल भी है। गिलोय को गुडुची नाम से भी जाना जाता है. यह एक बेल होती है, जिस पर पान जैसी शेप का डार्क ग्रीन पत्ता आता है. यह डेंगू फीवर का एक बेजोड़ इलाज है और रोगी को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. बुखार उतारने से लेकर हड्डियों का दर्द दूर करने तक यह एक पौधा कई गंभीर बीमारियों से बचाता है. आइये जानें अब इसके फायदों के बारे में।

1. डायबिटीज के लिए गिलोय (Giloy For Diabities)

डायबिटीज के ऐसे मरीज जिन्हें टाइप-2 डायबिटीज (Type 2-Diabetes) की समस्या है, उन्हें गिलोय के सेवन से काफी लाभ मिल सकता है। गिलोय में काफी मात्रा में हाइपोग्लाईकैमिक एजेंट पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए अक्सर डॉक्टर गिलोय के जूस का सेवन करने की सलाह देते हैं। आप भी मार्केट से गिलोय जूस को खरीदकर इसका सेवन कर सकते हैं।

2. रयूमेटाइड आर्थराइटिस के लिए गिलोय (Giloy For Rheumatoid Arthritis)

रयूमेटाइड आर्थराइटिस को हिंदी में आमवातीय संधिशोथ कहा जाता है। ये एक प्रकार का ऑटो इम्यून गठिया होता है। गिलोय के नियमित सेवन से रयूमेटाइड आर्थराइटिस के कई मरीजों ठीक होते देखा गया है। गिलोय में एंटी ऑर्थराइटिक और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। रयूमेटाइड आर्थराइटिस के उपचार के लिए गिलोय और अदरक को एक साथ मिलाकर सेवन किया जाता है। जबकि जोड़ों या गठिया के दर्द के उपचार के लिए गिलोय के तने या पाउडर को दूध के साथ उबालकर पीने की सलाह दी जाती है।

3. इम्यूनिटी बढ़ाए (Immunity Booster)

अगर कोई इंसान लगातार बीमार रहता है तो, इसकी वजह उसकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता या कमजोर इम्यूनिटी भी हो सकती है। इन समस्याओं की ओर तुरंत ही ध्यान दिया जाना चाहिए। खून को साफ करके, बैक्टीरिया को मारकर, हेल्दी कोशिकाओं को मेंटेन करके, शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़कर इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है। ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए समय और पैसे खर्च करने की जगह, आप गिलोय के जूस का सेवन भी शुरू कर सकते हैं। गिलोय के अन्य फायदों में शामिल है:-

  • शरीर से टॉक्सिन को निकालता है।
  • नपुंसकता की समस्या को दूर करता है।
  • मूत्रनली के संक्रमण को दूर करता है।
  • लिवर से जुड़ी बीमारियों से लड़ता है।

4. स्ट्रेस से राहत देता है (Stress Relief)

क्या आपका सामना कभी गंभीर एंग्जाइटी और स्ट्रेस से हुआ है? अगर हां, तो निश्चित रूप से जानते होंगे कि ये कितना दुखदायी अनुभव होता है। गिलोय और अन्य जड़ी-बूटियों से तैयार किया हुआ टॉनिक एंग्जाइटी और स्ट्रेस के लेवल को कम कर सकता है। ये टॉनिक शरीर में मौजूद टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकाल देता है। ये शरीर और दिमाग को शांति देने के साथ मेमोरी को भी अच्छा बूस्ट देता है।

5. पीलिया को ठीक करता है (Cure For Jaundice)

अगर आप या आपका कोई परिचित पीलिया की बीमारी से परेशान है तो आप गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय के 20-30 पत्ते लेकर पीस लें। एक गिलास ताजी छांछ लेकर पेस्ट को उसमें मिला लें। दोनों को एक साथ छानने के बाद उसे मरीज को पिला दें।

6. ईयर वैक्स की समस्या दूर करता है (Stubborn Ear Wax)

कई बार कान से मैल या ईयर वैक्स निकालना काफी मुश्किल प्रक्रिया हो सकती है। ऐसे में सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले ईयर बड्स भी किसी काम नहीं आते। ऐसी स्थिति में गिलोय का प्रयोग करना सही विकल्प हो सकता है। गिलोय ईयर ड्रॉप बनाने के लिए, थोड़ी सी गिलोय लेकर उसे पानी में पीस लें और गुनगुना गर्म कर लें। अब इसे ईयरड्रॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। दिन में दो बार इसकी कुछ बूंदों को कान में डाला जा सकता है। इससे कान में जमा हुआ पुराना और जिद्दी मैल या ईयर वैक्स भी बाहर निकल आएगा।

7. बुखार में गिलोय (Giloy For Fever)

ऐसे लोग जो जीर्ण ज्वर (Chronic Fever) या अन्य बीमारी से परेशान हैं, उनके लिए गिलोय बेहद फायदेमंद होती है। ऐसा इसके ज्वरनाशक गुणों (Anti-Pyretic Nature) के कारण होता है। ये ब्ल्ड प्लेटलेट्स को बढ़ाने में, जानलेवा बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। डेंगी बुखार की समस्या होने पर भी ये उसके लक्षणों को दूर करता है। गिलोय के सत को थोड़ी मात्रा में शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने पर मलेरिया की समस्या को भी दूर किया जा सकता है।

8. बवासीर की दवा है गिलोय (Medicine For Piles)

बवासीर या पाइल्स बेहद दर्दनाक होते हैं और इनसे जितनी जल्दी छुटकारा मिले, उतना ही बेहतर है। गिलोय के इस्तेमाल से बनने वाली दवाएं हर प्रकार के बवासीर को ठीक कर सकती हैं। ध्यान सिर्फ इस बात का रखना है कि निर्देशों और परहेज का विशेष ध्यान दिया जाए। बवासीर की दवा बनाने के लिए, धनिया के पत्ते, गिलोय और हरड़ को एक साथ बराबर मात्रा में पीस लें। इस मिश्रण की 20 ग्राम मात्रा लेकर आधा लीटर पानी में मिलाएं और उबालें। उबल जाने के बाद थोड़े से गुड़ के साथ इसका दिन में दो बार सेवन करें।

9. पाचन को ठीक करता है (Improves Digestion)

गिलोय के नियमित सेवन का एक अन्य लाभ ये भी है कि ये पाचन और पेट से संबंधित किसी भी समस्या को ठीक करता है। डाइजेशन की समस्या को दूर करने के लिए निम्नलिखित प्रकार से गिलोय का सेवन करना चाहिए।

  • गिलोय
  • अतीश या अतिविषा
  • अदरक की जड़ को समान मात्रा में लें।

तीनों सामग्रियों को एक साथ उबालकर काढ़ा बना लें। रोज 20-30 ग्राम की मात्रा में इस काढ़े का सेवन करने से पेट और पाचन संबंधी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

10. अस्थमा को ठीक करती है (Treating Asthma)

आजकल अस्थमा या दमा से पीड़ित लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अगर किसी को अस्थमा की समस्या हो तो, उसे गिलोय की जड़ चबाने की सलाह दी जाती है। इससे सीने का कड़ापन दूर होता है और गले में घरघराहट, कफ आना और सांस से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।

11. आंखो की रोशनी बेहतर करता है (Better Vision)

आंखों के डिसऑर्डर होना इन दिनों काफी आम बात है। महंगे उपचारों पर पैसा बहाने की जगह इन कम खर्च वाले ट्रीटमेंट्स को भी आजमाया जा सकता है। ये कॉर्निया डिसऑर्डर, मोतियाबिंद और स्कलेरल जैसी समस्याओं को भी ठीक कर सकता है। 11.5 ग्राम गिलोय का जूस लेकर उसमें 1 ग्राम शहद और 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आंखों के ऊपर लगाया जा सकता है।

12. फीलपांव/ हाथीपांव को ठीक करता है (Elephantiasis Cure)

फीलपांव, हाथी पांव या एलिफेंटेसिस (Elephantiasis) बेहद सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है। इस समस्या में इंसान के शरीर के अंग बुरी तरह से सूज जाते हैं। ऐसा फिलेरियल वर्म (Filarial Worm) के कारण होता है। इस समस्या को गिलोय के सेवन से आसानी से ठीक किया जा सकता है। 10 से 20 ग्राम गिलोय के जूस में 50 ML कड़वे बादाम का तेल या बिटर ऑयल (Bitter Oil) मिलाएं। इस मिश्रण को सुबह खाली पेट पीने से आपको आश्चर्यजनक रूप से सकारात्मक फायदे मिलने लगेंगे।

13. लिवर डिसऑर्डर को ठीक करता है (Treatment For Liver Disorders)


इस उपाय का इस्तेमाल लिवर के डिसऑर्डर होने पर किया जा सकता है। खासतौर पर जब आप एलोपैथिक दवाओं का सेवन करते-करते थक चुके हों। इस दवा को बनाने के लिए आपको

  • 2 ग्राम धनिए के बीज
  • काली मिर्च के दो बीज
  • नीम की दो पत्तियां
  • 18 ग्राम ताजी गिलोय की जरूरत पड़ेगी। इन सारी सामग्रियों को एक साथ पीसकर 250 ml पानी के साथ मिट्टी के बर्तन में भर लें।

इस मिश्रण को रातभर के लिए छोड़ दें और अगली सुबह इस मिश्रण को फिर से पीसें और छान लें। कारगर नतीजों के लिए इस मिश्रण को 15-20 दिन के लिए इस्तेमाल करें।

15. बढ़ती उम्र के लक्षण (Signs Of Aging)

एक समस्या जिससे हर उम्र के इंसान को गुजरना पड़ता है, वह है बढ़ती उम्र के लक्षण। इन लक्षणों में स्किन पर झुर्रियां आना, महीन लाइनें बन जाना सबसे बड़ी समस्या होती है। झुर्रियां, डॉर्क स्पॉट हटाने के बेस्ट उपाय की खोज कभी खत्म नहीं होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए एक दवा ऐसी भी है जिससे आप आजमा सकते हैं। ये आजमाई और साबित की हुई बात है कि गिलोय में एंटी एजिंग गुण पाए जाते हैं। ये डार्क स्पॉट्स, झुर्रियां, पिंपल्स या मुंहासे और महीन लाइनों को हटाने में मदद कर सकता है।

16. सांस लेने में समस्या (Respiratory Problems)


सांस लेने से जुड़ी समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम, टॉन्सिल, कफ आदि गिलोय के सेवन से आसानी से ठीक हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। ये गुण सांस की समस्याओं को कंट्रोल करने और दूर करने में मदद करता है।

17. उल्टी को ठीक करता है (Cure For Vomiting)

Young woman vomiting into the toilet bowl in the early stages of pregnancy or after a night of partying and drinking.Close-up of woman on toilet in morning.

अगर किसी को उल्टी आने, ब्रोन्काइटिस या ब्रोंनकिल अस्थमा की शिकायत है तो इस उपाय का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस काढ़े को बनाने के लिए

  • गिलोय (Giloy)
  • कंटकारी (Yellow Berried Nightshade)
  • अडूसा की छाल (Bark Of Malabar Nut) की जरूरत पड़ती है। इन तीनों को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर सेवन करें। इस काढ़े को पीते समय इसमें थोड़ी मात्रा में शहद भी मिलाया जा सकता है।

18. मूत्र विकार की समस्या (Urinary Disorders)


मूत्र विकार या पेशाब की नली में होने वाली समस्याओं जैसे जलन का अनुभव होना या पेशाब करने में दर्द होने में गिलोय का सेवन बहुत फायदेमंद है। मूत्र विकार की समस्या होने पर

  • गिलोय (Giloy)
  • चित्रक (Leadwort)
  • की 20-30 ग्राम मात्रा लेकर उसका काढ़ा बना लें और दिन में दो बार सेवन करें। इसके अलावा 1 gm गिलोय का सत लेकर उसमें 3 gm शहद मिलाकर सेवन करें। इस नुस्खे को एक बार सुबह और एक बार शाम को किया जा सकता है।

19. वात रोग को ठीक करता है (Treatment For Gout)

यह प्राकृतिक औषधि वात रोगों को दूर करने की बेस्ट औषधियों में से एक है। इस समस्या से स्थायी लाभ के लिए गिलोय के सत के साथ अरंडी का तेल मिलाएं और जहां जरूरत हो वहां लगाएं। कुछ ही दिनों में आपको मनचाहे नतीजे मिलने लगेंगे।

20. रक्ताल्पता / अनीमिया (Anemia)

शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की कम हो जाने से अनीमिया की समस्या होती है। अनीमिया के लक्षणों में सुस्ती, आलस, सांस उखड़ना आदि शामिल है। इन लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए गिलोय के पाउडर से बने काढ़े का सेवन किया जा सकता है।

कैसा होता गिलोय की तासीर
किसी भी चीज का सेवन करने से पहले उसके होने वाले असर और तासीर को जानना बेहद आवश्यक होता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि गिलोय का इस्तेमाल हर मौसम के लिए अच्छा नहीं होता है. आयुर्वेद में गिलोय की तासीर को बहुत ही गर्म बताया गया है. इसीलिए सर्दी-जुकाम और बुखार में यह लाभकारी होता है.

गिलोय के गुण
गिलोय का इस्तेमाल अक्सर बुखार में किया जाता है. बुखार के अलावा इसका उपयोग कई औषधीय गुण के लिए भी किया जाता हैं. डेंगू में गिलोय का सेवन प्लेटलेट्स कम होने पर किया जाता है, जिससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी फायदेमंद होते हैं. इसके अलावा गठिया रोग के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. यह डायबिटीज मरीज को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है. इसमें एंटी-पायरेटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑर्थरिटिक और एंटीऑक्सिडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे पाचन से संबंधित समस्याएं, इंफ्लेमेशन या सूजन, रक्त शोधन (blood purification) और दर्द आदि से छुटकारा दिलाता है। कई अन्य समस्याओं को भी दूर करने के लिए गिलोय (Giloy) एक उपयुक्त प्राकृतिक उपचार है। गिलोय से हृदय से संबंधित समस्याएं, एनीमिया, कुष्ठ रोग और पीलिया जैसे रोगों का उपचार भी किया जाता है। इसका इस्तेमाल अक्सर लोग डेंगू, स्वाइन फ्लू को खत्म करने के लिए भी करते हैं। इतने फायदे गिलोय (Giloy benefits) में मौजूद होने के बाद भी इसके कुछ नुकसान भी होते हैं।

कैसे करें गिलोय का सेवन
बुखार में गिलोय का सेवन पाउडर, काढ़ा या रस के रूप में किया जाता है. इसके पत्ते और तने को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है. वहीं बाजार में गिलोय की गोली भी मिलती हैं. गिलोय का एक दिन में 1 ग्राम से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. गिलोय का सबसे अधिक सेवन बुखार में किया जाता है. गिलोय का इस्तेमाल पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. डायबिटीज के रोगी को ब्लड शुगर कम करने के लिए गिलोय खाना फायदेमंद होता है. इसका इस्तेमाल डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए किया जाता है. वजन कम करने में गिलोय का जूस काफी लाभकारी होता है.

ध्यान रखें जरूरी बातें-
किसी भी बीमारी का दवा खाने से पहले उसके फायदे और नुकसान को जानना बहुत ही जरूरी होता है. इसके अलावा किस उम्र में और कितनी मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए यह भी मालूम होना चाहिए. इस बारे में आयुर्वेद विशेषज्ञ का मानना है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए.

  • गिलोय सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते (Giloy Side effects) हैं। आइए जानते हैं इनके नुकसान के बारे में- 
  • हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, दिन में 1 ग्राम से ज्यादा गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • जिन लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक तरह से काम नहीं करता उन्हें गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को भी गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि गिलोय का सेवन करने पर ब्लड शुगर काफी लो हो सकता है.
  • जिन लोगों को ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की समस्या है उन्हें भी गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए.

हर कोई चाहता है कि उसका शरीर स्वस्थ रहे. हर कोई चहता है कि वह बीमारियों से दूर रहे और फिट रहे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाता. व्यक्ति को कोई ना कोई परेशानी से लगी ही रहती है. एक स्वस्थ शरीर के लिए चाहिए कि आप समय के हिसाब से खाना खाएं और भरपूर नींद लें. ऐसे ना करने से आपका शरीर स्वस्थ नहीं रहता और आपको थकान, आलस ही आता है. स्वस्थ शरीर कड़ी मेहनत और सही खान पान से मिलता है. तो अगर आप भी स्वस्थ शरीर चाहते हैं तो आपको गिलोय का सेवन करना चाहिए.