भोजपुरी सिनेमा : कल, आज और कल

भोजपुरी फिल्मों के बारे में चाहे जो भी बोलिए, उसे कितना ही वल्गर और फूहड़ बतलाइये, समाज और संस्कृति का बंटाधार करने का आरोप लगाइये, लेकिन यह सच है कि भोजपुरी फिल्में अपना बाजार गढ़ चुकी हैं. बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश की बात छोड़िये, मुम्बई महानगर में दस से अधिक ऎसे सिनेमाघर हैं, जो सिर्फ भोजपुरी फिल्में ही रिलीज करते हैं. हर साल 60 से 70 फिल्में बन रही हैं.

भोजपुरी फिल्मों की हाल के वर्षों में जैसी छवि बनी है, पहले ऎसी नहीं थी. 1962 में जब पहली फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ फिल्म बनी थी. तब इसकी स्क्रिप्ट नजीर हुसैन साहब ने लिखी थी, संगीत चित्रगुप्त जी ने दिए थे और गीत लिखे थे शैलेन्द्र जी ने. मुख्य भूमिका में थीं कुमकुम. फिल्म ने पूर्वी उत्तरप्रदेश और बिहार में खूब अच्छा बिजनेस किया था. लोगों ने सराहा था कि कहानी में बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश के समाज की जबरदस्त झलक है. पारिवारिक सामाजिक फिल्म थी और महिलाओं ने भी खूब एंज्वाय किया था फिल्म को.

लेकिन आज की फिल्मों से न सिर्फ भोजपुरी समाज गायब है बल्कि महिलाएँ भी सिनेमाघरों में आना पसंद नहीं करतीं. वजह है भोजपुरी फिल्मों का लो क्वालिटी होना, डबल मीनिंग संवादों और गीतों से लवरेज होना. ऎसे में भोजपुरी से जुड़े लेखकों, फिल्मकारों और तकनीशियनों को सोचना होगा कि हमारी फिल्में अपनी लो क्वालिटी या कहें फूहड़ता से कैसे उबरें. हम वैसी फिल्में कैसे बनायें कि लोअरक्लास के साथ साथ मिड्लक्लास भी हमारी फिल्में देखने आये. शहर के सबसे खराब सिनेमाहॉल में रिलीज होने की जगह राजधानी और शहर के गौरव सिनेमाघर में कैसे रिलीज हो सके. इससे हमारी फिल्मों की कमाई भी बढ़ेगी और हमारा स्तर भी सुधरेगा.

भोजपुरी सिनेमा के हालात और संभावना पर एक विहंगम विमर्श ! 12 फरवरी को 3 बजे से 7 बजे तक.
स्थल : भक्तिवेदांत स्कूल ऑडिटोरियम, (सिटी मॉल के पीछे वाली सड़क पर), ऑफ लिंक रोड, अंधेरी (पश्चिम), मुम्बई. आप भी पधारिये!

इन्हीं सब परिस्थितियों और मसलों पर बात विमर्श करने के लिए आगामी 12 फरवरी को अंधेरी लोखंडवाला [सिटी मॉल के पीछे वाली सड़क पर] के भक्ति वेदांत स्कूल के ऑडिटोरियम में स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन ‘भोजपुरी सिनेमा : कल आज और कल’ नाम से एक प्रोग्राम करने जा रहा है. प्रोग्राम में भोजपुरी फिल्मों से जुड़े लेखक, गीतकार, कलाकार, निर्माता, निर्देशक, डिस्ट्रीब्यूटर, म्यूजिक कंपनी के मालिक और दर्शक एक छत के नीचे जमा होंगे. आप भी आइये. समय है 3 बजे से 7 बजे तक.