बिहार पुलिस का शर्मनाक चेहरा : कैंटीन से 5 बोतल शराब पर सेना के जवान को गिरफ्तार कर बिहार पुलिस कर रही है अपनी नाक ऊँची

रविंद्र आर्य असम राइफल्स के सिपाही है और मां दुर्गा के त्योहार में छुट्टियां लेकर जब वे उत्तराखंड अपने घर जा रहे थे। तब बिहार पुलिस ने 16 तारीख को उनको अवध एक्सप्रेस में से 5 बोतल दारु के साथ देखते ही अपनी बहादुरी का नमूना पेश करने का मौका ना गंवाते हुए ना सिर्फ उनको हिरासत में लिया और एक बड़े हिस्ट्रीशीटर को जैसे पकड़ा हो उस तरह से उनके हाथ बांधकर हथकड़ियों के साथ परेड करवाते हुए ले गए।

फौजी की आंख में आ गए आंसू 

जब की इस फौजी के पास अपने दारू की बोतल का पूरा ब्यौरा था। जिस आर्मी कैंटीन से खरीदा गया था उसका बिल था। परंतु पुलिस वालों ने फौजी की एक भी बात ना सुनते हुए उन्हें जेल में डाल दिया है। अब वो छपरा जेल में बंद है। घटना शनिवार की है गिरफ्तारी के दौरान फौजी की आंख में आंसू आ गए। क्योंकि साल में दो से तीन बार ही छुट्टियां मिलती है और त्यौहार के दिन वह अपने बीवी बच्चों के पास जाने की जगह जेल में बंद है।

कमांडिंग ऑफिसर ने की एसपी से बात

रविंद्र आर्य के कमांडिंग ऑफीसर ने खुद एसपी को फोन किया और छोड़ने के लिए बोला, परंतु SP ने यह बोलते हुए बात टाल दी कि अब कुछ नहीं हो सकता। सोमवार को कोर्ट में पेशी होने के बाद ही उन्हें बेल मिलेंगी। पुलिस की इस शर्मनाक हरकत का जैसे ही लोगों को पता चला तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। फिलहाल पुलिस को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है।

आपको बता दें कि यह वही बिहार पुलिस है जो छोटे-मोटे अपराधियों के सामने भी घुटने टेक देती है। लेकिन इस मामले में पुलिसकर्मियों ने छाती चौड़ी करके कार्यवाही दिखाई और एक बेकसूर सेना के जवान को हथकड़ी में बांधे हुए जेल पहुंचा दिया। जबकि देश का कानून भी यह कहता है कि आप छोटे मोटे गुनहगारों को हथकड़ी से बांधकर नहीं ले जा सकते। जबकि यहां पर तो एक फौजी को बिना किसी गुनाह के इस तरह से ले जाया गया।