Biography : कवि डॉ. रामरतन भटनागर का जीवन परिचय

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डॉ. रामरतन भटनागर का जन्म 14 जनवरी सन 1914 में रामपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था. भटनागर के पिता का नाम मुंशी गोविन्द राम वकील रामपुर के नवाब के दरबार में काज़ी थे. वकीलों जैसी जिरह और कूट परीक्षण उन्हें बचपन से ही देखने को मिला.

  • रामरतन भटनागर का जीवन परिचय

    नाम (Name) डॉ. रामरतन भटनागर

  • जन्म (Date of Birth) 14 जनवरी 1914
  • आयु (Age) 70 वर्ष
  • जन्म स्थान (Birth Place) रामपुर, उत्तर प्रदेश
  • पिता का नाम (Father Name) मुंशी गोविन्द राम
  • माता का नाम (Mother Name) ज्ञात नहीं
  • पत्नी का नाम (Wife Name) ज्ञात नहीं
  • पेशा (Occupation ) लेखक, कवि, उपन्यासकार

इन्होने अपनी शिक्षा लखनऊ और इलाहबाद से पूर्ण की. अपने शोध के दौरान इनकी मुलाकात सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, सुमित्रा नन्दन पंत, महादेवी वर्मा और रामकुमार वर्मा से हुई. सन 1951 में भटनागर जी ने सागर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में लम्बे समय तक आचार्य नन्द दुलारे वाजपेयी के साथ में कार्य किया.

शिक्षा और व्यवसाय
रामरतन भटनागर जी ने अंग्रेजी साहित्य और हिंदी साहित्य में एम.ए. किया था. डॉ रामरतन भटनागर को प्रारंभ से ही साहित्य में रूचि थी और इन्हें लिखने का शौक. भटनागर जी समय के बहुत पाबंद थे, वे कक्षा में न एक भी मिनट लेट आते थे और न ही एक मिनट पहले कक्षा छोड़ते थे.

1951 में श्री हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के हिन्दी विभाग में उन्होंने प्राध्यापक के पद पर शिक्षण कार्य शुरु किया और वहीं से 1976 में प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त भी हुए. जब वे पढाया करते थे तो सारिणी के द्वारा एक – एक बात को स्पष्ट करते थे और इस बीच कोई गपशप या वृतांत नहीं होने देते थे. वे अपने अध्यापन में एक तटस्थ मनोभाव का परिचय देते थे.

लेखन के क्षेत्र में उनका परिचय एक स्वतंत्र एवं जागरूप आलोचक और निबन्धकार के रूप में मिलता है जो उनकी कृतियों में परिलक्षित होता है. डॉ. रामरतन भटनागर का कवि रूप उनके काव्य संग्रहों के द्वारा सामने आता है जिसमें एक संवेदनशील कवि की छाप दिखाई देती है.

रामरतन भटनागर की रचनायें
रामरतन भटनागर जी ने आलोचना, निबंध, उपन्यास, कवितायेँ, कहानी आदि का लेखन किया है.

काव्य संग्रह

  • ताण्डव (1942)
  • निराला (1962)
  • प्रकाश जहाँ भी है (1982)
  • तुलसीदास (1983)
  • वेणुगीत (1984)
  • गीतों के अमलतास (1985)
  • जागरण (1991)
  • उपन्यास
  • अम्बपाली (1939, 1945, 1951)
  • जय वासुदेव (1959)
  • आकाश की कथा (1942)

आलोचना एवं निबंध
निबंध प्रबोध (1939-1946 – 5 संस्करण), सूर-साहित्य की भूमिका (सह लेखक-वाचस्पति त्रिपाठी) (1941, 1945, 1964), तुलसी साहित्य की भूमिका (1946,1958), प्रेमचंद एक अध्ययन (1944) प्रेमचंद (1948), तुलसीदासः एक अध्ययन (1944) तुलसीदास (1946), कवि प्रसाद (1946, 1948, 1953), सूरदासः एक अध्ययन (1946, 1948, 1950), प्रबंध पूर्णिमा (1946), हिन्दी साहित्यः एक अध्ययन (1948), कबीरः एक अध्ययन (1946) कबीर (1950), विद्यापतिः एक अध्ययन (1947) विद्यापति (1950), नंददास : एक अध्ययन (1947) नंददास (1949), बिहारी: एक अध्ययन (1947) बिहारी (1950), भारतेंदुः एक अध्ययन (1947) भारतेंदु हरिश्चंद्र (1950), कवि निरालाः एक अध्ययन (1947) कवि निराला (1950), छायावाद (1947, 1950), केशवदास एक अध्ययन (1947) केशवदास (1950), मलिक मुहम्मद जायसी (1948) जायसी (1950), कामायनी (1948), रहस्यवाद (1948, 1951), हिन्दी कविता (1948), हिन्दी गद्य (1948), हिन्दी भक्तिकाव्य (1948), साहित्य समीक्षा (1948), हिन्दी साहित्यः एक अध्ययन (1948) हिन्दी साहित्य (1950), हिन्दी सागर (1948), मैथिलीशरण गुप्त (1948, 1951), महादेवी वर्मा (1950), प्रबन्ध परिचय (1950), नये निबन्ध (1950), साहित्य निबन्ध (1950)

संकलन
निबन्ध निलय (1975)
रूपायन (1975)
परम्परा (1977)
निकष (1980)
अंतरंग (1980)
कालान्तर (1970)
सात एकांकी (1970)
संचयन (1970)
सप्तरंग (1968)
उत्तरा (1968)
रूपरंग (1958)
गद्यायन (1962)
नव जातक (1970)
समवेत
आधुनिक कहानियाँ (1957, 1959)