लखनऊ : एमएलसी चुनाव में भाजपा ने मारी बाजी, छह में से तीन सीट पर किया कब्जा

इस ख़बर को शेयर करें:

लखनऊ. पहली बार विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव में उतरी भाजपा का दबदबा दिख रहा है. भाजपा ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों के चुनाव में चार पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे. जिसमें से तीन पर भाजपा उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं.

जबकि, आगरा तीन सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार भी बढ़त बनाए हुए हैं. उधर, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों के चुनाव की मतगणना देर से शुरू हुई. शुरुआती रुझान में इन सीटों पर भी भाजपा उम्मीदवार बढ़त लिए हुए हैं.

बता दें कि, मेरठ-सहारनपुर शिक्षक खंड के चुनाव में दिग्गज शिक्षक नेता ओम प्रकाश शर्मा का वर्चस्व तोड़ दिया है. यहां पर प्रथम वरीयता की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के ओम प्रकाश शर्मा को हराया है.

लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्घिवेदी भी 3100 मतों की निर्णायक बढ़त हुए हैं. बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट पर भाजपा समर्थित हरि सिंह ढिल्लो ने सपा के संजय मिश्रा को 7963 मतों से हराया है.

आगरा खंड शिक्षक सीट पर भाजपा के दिनेश कुमार वशिष्ठ अब निर्दलीय प्रत्याशी डाॅ. आकाश अग्रवाल से 2113 वोटों से पीछे हैं. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शर्मा गुट के प्रत्याशी धु्रव कुमार त्रिपाठी 928 वोटों से आगे हैं.

वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव शुरुआती दौर की मतगणना में आगे चल रहे हैं. उधर, इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पहले चरण की गिनती के बाद सपा उम्मीदवार डॉ. मान सिंह ने भाजपा उम्मीदवार डॉ. यज्ञदत्त शर्मा से मामूली बढ़त ले रखी है.

यहां पर हुआ हंगामा

इलाहाबाद झांसी खंड की मतगणना के दौरान हंगामा हुआ. जब एक वरिष्ठ अफसर ने सपा उम्मीदवार को धमकाकर कहा कि, कान पकड़कर बाहर कर दूंगा. इस पर सपा एजेंटों ने हंगामा किया. इससे करीब आधे घंटे तक मतों की छंटाई बाधित हुई. वहीं, लखनऊ स्नातक सीट के सपा प्रत्याशी ने एक मतपेटी की सील खुली होने पर हंगामा किया.

वाराणसी में भी सील टूटे होने का आरोप लगाकर सपा नेताओं ने कुछ देर के लिए धरना दिया. आगरा में भी पहली वरीयता से फैसला नहीं हुआ. इस पर भाजपा प्रत्याशी दिनेश वशिष्ठ ने रीकांउटिंग की मांग की. इस पर सभी प्रत्याशी एकजुट हो गए. रीकाउंटिंग का विरोध किया. इस पर हंगामा हुआ.