गद्दार रेट कार्ड मामला : दिग्विजय सिंह के खिलाफ भाजपा मंत्री-विधायकों ने किए 10-10 करोड़ रुपये के मानहानि के केस

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल की विशेष सत्र न्यायालय (एमपी एमएलए) में भाजपा के मंत्री-विधायकों ने 10-10 करोड़ रुपये की मानहानि के केस दर्ज कराए हैं। इसके साथ ही परिवादियों ने दिग्विजय सिंह को कठोरतम दंड एवं सजा दिए जाने की मांग भी विशेष कोर्ट से की है। विशेष सत्र न्यायालय ने सभी मामलों को गंभीर मानते हुए ग्राह्य कर लिया है। इस मामले में सुनवाई 18 नवम्बर को होगी।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 17 मंत्री-विधायकों को लेकर पिछले दिनों व्हाट्सअप पर एक पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने भाजपा के मंत्री-विधायकों को बिकाउ बताते हुए उनकी कीमत 35-35 करोड़ रुपये बताई थी। इस पोस्ट के साथ दिग्विजय सिंह ने मंत्री-विधायकों के रेट कार्ड भी जारी किए थे।

दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में लिखा था कि लोकतंत्र के बही-खाते में जो लोग कांग्रेस से गद्दारी कर 35-35 करोड़ रुपये में बिके और उन्हें जिन लोगों ने वोट दिए उसमें से वोट देने वालों को उनका हिस्सा देना चाहिए। भाजपा के मंत्री-विधायकों ने इसे अपनी मानहानि मानते हुए भोपाल के विशेष सत्र न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है।

इन्होंने पेश किए परिवाद
परिवाद पेश करने वाले ग्वालियर के वकील विजय कुमार शर्मा और शरद भटनागर ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दिग्विजय सिंह ने मंत्री-विधायकों को लेकर सोशल मीडिया पर मिथ्या, आधारहीन एवं भ्रामक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से भाजपा के मंत्री-विधायक आहत हैं और उन्होंने भोपाल की विशेष सत्र न्यायालय एमपीएमएएल में परिवाद प्रस्तुत कर 10-10 करोड़ की मानहानि का दावा प्रस्तुत किया है।

उन्होंने बताया कि दिग्विजय सिंह ने जो पोस्ट सोशल मीडिया पर की थी और जो आरोप उन्होंने भाजपा के मंत्री-विधायकों पर लगाए थे उनका अब तक वे कोई प्रूफ नहीं दे सके हैं। उनकी पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक और आधारहीन थी। उन्होंने बताया कि अब तक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, मंत्री बिसाहूलाल सिंह, मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, विधायक यशवंत सिंह, विधायक मुन्नालाल गोयल, विधायक मनोज चौधरी, विधायक रक्षा सरौनिया ने विशेष सत्र न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है।