आचार संहिता लागू होने से पहले भाजपा सरकार की योजनाओं में हुई 2400 करोड़ के विकास कार्यों बरसात

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मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू होने से पहले भाजपा सरकार की योजनाओं की खूब बरसात हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले 2 दिन में राज्य में भाजपा के मंत्रियों और विधायकों ने 2,400 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का श्रीगणेश किया।

भाजपा नेताओं ने 350 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन-शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस मामले में विपक्ष भी कम नहीं है। विपक्ष के उपनेता बाला बच्चन ने भी आचार संहिता की आहट को देखते हुए अपने क्षेत्र में 10 विकास कार्यों का भूमि-पूजन कर दिया।

मप्र में 28 नवंबर, छग में 12 व 20 नवंबर, राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग: चुनाव आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को किया जाएगा।

भाजपा के इन नेताओं ने विकास कार्यों का किया श्रीगणेश

मध्य प्रदेश राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह, वित्तमंत्री जयंत मलैया, जलसंसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव, महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, राज्यमंत्री सुंदरलाल पटवा, राज्यमंत्री ललिता यादव, राज्यमंत्री लालसिंह आर्य और मंत्री अंतरसिंह आर्य समेत कई विधायकों और सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्र में कई विकास कार्यों की नींव रख दी।

नरोत्तम मिश्रा ने 2,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजना का किया शिलान्यास

राज्य के जलसंसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सबसे अधिक दो हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने दतिया के सेंवड़ा में 2044 करोड़ की रतनगढ़ सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। वहीं, गुना जिले की चांचौड़ा सीट से भाजपा विधायक ममता मीणा ने शनिवार को चार विकास कार्यों की नींव रखी।

हालांकि वो 12 कार्यों का भूमि पूजन करने वाली थीं, लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से 4 ही कर पाईं। इसके अलावा अशोकनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कस्बे में 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बस स्टैंड का भी भूमि पूजन हुआ।

केंद्रीय मंत्री ने भी 114 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की रखी नींव

केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत शनिवार को किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए जावरा जा रहे थे। इसी बीच उन्हें चुनाव आयोग की दोपहर 12.30 बजे होने वाली प्रेस कांफ्रेंस टलने की खबर आई, जिसके बाद उन्होंने रास्ते में ही कई कार्यों का भूमिपूजन कर दिया।

उन्होंने सबसे पहले बड़नावद में 114 करोड़ रुपये के विकास कार्य का भूमिपूजन किया। इसके तहत हाटपिपलिया से मावता के बीच 52 किलोमीटर लंबी सड़क बननी है। इसके अलावा उन्होंने नगर परिषद के 1.5 करोड़ रुपये के कार्यों की भी नींव रखी।

इन जगहों पर हुआ विकास कार्यों का श्रीगणेश

होशंगाबाद में 27 करोड़ रुपये के 110 कामों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ। इसके अलावा 5.50 करोड़ रुपये का भूमिपूजन और 93 कार्यों का शिलान्यास हुआ। वहीं, इटारसी में भी 4 करोड़ रुपये के अस्पताल भवन का शिलान्यास हुआ। इसके अलावा मंदसौर के मल्हारगढ़, बूढ़ा और संजीत कई करोड़ के विकास कार्यों की नींव रखी गई। कटनी, बैतूल, खंडवा और उमरिया में भी कई करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकार्पण हुआ।

आचार संहिता लागू होने से पहले उज्जैन के विधायक मोहन यादव ने ताबड़तोड़ 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। रतलाम में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का शिलान्यास हुआ, जबकि जावद में करीब 2 करोड़ रुपए के आठ कामों का भूमि पूजन किया गया। इसके अलावा नीमच, ग्वालियर, सीहोर और चीनौर में भी करोड़ों के विकास कार्यों का श्रीगणेश हुआ।